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Youtuber सवुक्कू शंकर को 6 महीने की जेल, ज्यूडिशियरी को बताया था भ्रष्टाचार से त्रस्त

20220916 163509 min
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Youtuber Savukku Shankar: मद्रास हाई कोर्ट ने गुरुवार (15 सितंबर 2022) को जानेमाने सवुक्कू शंकर को आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराते हुए 6 महीने जेल की सजा सुनाई। अदालत ने शंकर के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला चलाया था।

न्यायपालिका पर लगाए थे भ्रष्टाचार के आरोप: मद्रास हाई कोर्ट में जस्टिस जी. आर. स्वामीनाथन और जस्टिस बी. पुगलेंधी की पीठ ने शंकर से सवाल किया कि उन्हें न्यायपालिका की अवमानना का दोषी क्यों न ठहराया जाए? अदालत ने कहा कि यूट्यूबर सवुक्कू शंकर ने न्यायपालिका पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर उसका अपमान किया है। अदालत ने कहा कि पिछली सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपने कृत्य पर कोई दुख व्यक्त नहीं किया था और स्वीकार किया था कि उसने ऐसा बयान दिया था।

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पीठ ने कहा कि इस पर भी गौर किया जाना चाहिए कि सवुक्कू शंकर ने ऐसा बयान देने की बात स्वीकार की है। कोर्ट ने कहा कि यह निष्कर्ष निकालने के लिए किसी फॉरेंसिक जांच की भी जरूरत नहीं है। ऐसा बयान निंदनीय हैं और उन्होंने न्यायपालिका संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।

अदालत ने जारी किया था कारण बताओ नोटिस: गौरतलब है कि यूट्यूबर सवुक्कू शंकर ने बयान दिया था कि पूरी न्यायपालिका में भ्रष्टाचार है जिसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। पीठ ने कहा, “अवमाननाकर्ता के पास भ्रष्टाचार की घटनाओं का उल्लेख करने का अधिकार है, लेकिन इनके समर्थन में सबूत भी होने चाहिए। कुछ घटनाओं के लिए पूरे संस्थान को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसका मतलब लक्ष्मण रेखा को लांघने जैसा होगा।

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क्या है मामला: इससे पहले मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने YouTuber सवुक्कू शंकर को सोशल मीडिया पर उच्च न्यायपालिका के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के लिए उनके खिलाफ शुरू की गई अवमानना कार्यवाही का जवाब देने के लिए एक हफ्ते का समय दिया था।

1 सितंबर 2022 को जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और बी पुगलेंधी की एक विशेष पीठ ने शंकर को 22 जुलाई को एक यूट्यूब चैनल के इंटरव्यू में ‘पूरी उच्च न्यायपालिका भ्रष्टाचार से ग्रस्त है’ कहने के लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

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