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UP में फर्नीचर कारोबारी के घर पर बुलडोजर चलाने वाले SDM हुवे सस्पेंड

20220803 175119 min
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उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में फर्नीचर कारोबारी द्वारा बकाया पैसा मांग लिए जाने से नाराज एसडीएम घनश्याम वर्मा पर विभागीय जांच के बाद गाज गिर गई है। एसडीएम घनश्याम वर्मा पर आरोप था कि उन्होंने एक फर्नीचर शोरूम से करीब 2.67 लाख का सामान लिया था लेकिन भुगतान पर आनाकानी दिखा रहे थे। ऐसे में जब कारोबारी जाहिद हसन ने अपना पैसा मांगा तो एसडीएम ने पहले कारोबारी के घर को अवैध बताया और फिर बुलडोजर चला दिया था।

इस मामले में कारोबारी जाहिद हसन ने 7 जुलाई को डीएम से शिकायत की थी कि एसडीएम घनश्याम अपनी शक्तियों को दुरुपयोग कर रहे हैं और उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। हालांकि, डीएम को दी गई गई शिकायत में घनश्याम वर्मा ने अपनी ताकत दिखाई और कोई भी एक्शन होने से पहले ही दांव खेल गए। हालांकि, जाहिद ने इस बार 10 जुलाई को शिकायत कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह से की थी।

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शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कमिश्नर ने डीएम को एडीएम स्तर से जांच कराने के आदेश दिए। फिर इस मामले की जांच एसडीएम सुरेंद्र सिंह को सौंपी थी। जब तत्कालीन एसडीएम घनश्याम वर्मा को पता चला कि उनके खिलाफ जांच बैठ गई है तो गुस्से में लाल-पीले हुए एसडीएम ने 12 जुलाई को कारोबारी जाहिद के घर बुलडोजर चलवा दिया था।

हालांकि, कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह के आदेश के बाद हुई जांच में सामने आया कि घनश्याम वर्मा ने अनुचित कदम उठाए थे, जिसके बाद उन्हें मंगलवार की देर रात बिलारी के एसडीएम पद से हटा दिया गया। कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि एसडीएम घनश्याम ने फर्नीचर कारोबारी के बिलारी नगर पालिका इलाके में आने वाले घर पर बुलडोजर चलवाया था।

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जांच रिपोर्ट में शैलेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि नगर पालिका इलाके में किसी भी कब्जे को हटवाने के लिए एसडीएम बुलडोजर नहीं चलवा सकता, क्योंकि उसके पास यह अधिकार है ही नहीं। इसी रिपोर्ट में बताया गया है कि किसी भी नगर पालिका क्षेत्र में कब्ज़ा हटवाने में बुलडोजर के इस्तेमाल का अधिकार केवल अधिशासी अधिकारी के पास होता है।

जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस वक्त बुलडोजर चला उस समय घनश्याम वर्मा के पास बिलारी इलाके के अधिशासी अधिकारी का चार्ज था, लेकिन उन्होंने ध्वस्तीकरण का आदेश बतौर एसडीएम पास किया था, जो कि अवैध प्रक्रिया है। इस पूरी रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने एसडीएम को बिलारी के एसडीएम पद से हटा दिया था। जिसके बाद मंगलवार की देर रात घनश्याम वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया।

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