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सावरकर की जयंती पर स्वरा भास्कर ट्वीट- “राष्ट्रीय सॉरी दिवस”,भड़के लोग करने लगे ऐसी बातें…

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28 मई को देश में लोग वीर सावरकर की जयंती मना रहे थे तो वहीं कुछ लोग सावरकर का विरोध भी कर रहे थे। अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने वीर सावरकर की जयंती पर देर शाम को ट्वीट किया। हालांकि इसमें उन्होंने सावरकर का जिक्र तो नहीं किया लेकिन ट्वीट में अभिनेत्री ने जो भी कुछ लिखा है, उससे उनका इशारा साफ है। स्वरा भास्कर के इस ट्वीट पर लोग भड़क भी गए।

स्वरा भास्कर ने ट्विटर पर लिखा कि ‘राष्ट्रीय सॉरी दिवस की शुभकामनाएं दोस्तों।’ स्वरा भास्कर के इस ट्वीट पर लोग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कृष्णा सिंह ने लिखा कि ‘तुम जैसे लोग वीर सावरकर के बारे में इसके अलावा कुछ और लिख भी नहीं सकती हैं।’ सोमू रंजन नाम के यूजर ने लिखा कि ‘मैडम, जिस तरह की घृणा आपके दिल में भरी है, उसके लिए तो कोई कुछ नहीं कर सकता लेकिन अगर आपको वाकई में वीर सावरकर से कोई समस्या है तो खुलकर बताएं।

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अमित पाण्डेय ने लिखा कि ‘इसको ट्रोल न करो ये दया की पात्र हैं, इसको पता नहीं मगर ये है।’ सरदार खान नाम के यूजर ने लिखा कि ‘चमगादड़ उल्टा लटकने के बाद सोचता है कि उसने दुनिया पलट दी लेकिन उस बेवकूफ को ये नहीं पता कि क़ुदरत ने उसे खुद उल्टा ही रखा हुआ है।’ एक यूजर ने लिखा कि ‘और फिर ये पाकिस्तान की टीवी चैनल पर कहती हैं कि इंडियंस राष्ट्र विरोधी बोलते हैं।

सुषमा नाम की यूजर ने लिखा कि ‘क्यों स्वरा क्यों, इतना नीचे क्यों गिर रही हो? बस 2 रुपये की ट्रोल बन के रह गई हो। अब तो गुस्सा भी नहीं आता तुम पर, दया आती है।’ सत्यम नारायण गर्ग ने लिखा कि ‘उस समय जमानत की व्यवस्था नहीं थी जमानत को ही माफीनामा कहा जाता था और सावरकर का बाहर आना आंदोलन को तेज करने के लिए जरूरी था यह याचिका सभी के लिए लगाई गई थी।

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बता दें कि विपक्ष के लोग वीर सावरकर पर अंग्रेजों से माफी मांगने का आरोप लगाते रहे हैं। जबकि सावरकर के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने कोई माफी नहीं मांगी थी बल्कि उस समय दया याचिक दायर करने का यही तरीका हुआ करता था और राजनीतिक बंदी बनाए जाने के बाद दया याचिक दायर करना कोई अपमानजनक बात नहीं है।

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सोर्स – jansatta.com


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