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सुब्रमण्यम स्वामी बोले- सीमा पर पैर पसार रहा चीन, क्या अब भी ब्रिक्स के साथ घूमेंगे मोदी?

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भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर चीन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। एक ताजा ट्वीट में उन्होंने कहा कि चीन से लगे हमारे सीमावर्ती इलाकों से मिली जानकारी से पता चलता है कि चीन कश्मीर के लद्दाख और पाक अधिकृत इलाकों की तरफ सुनियोजित तरीके से पैर पसार रहा है। उन्होंने पूछा है कि क्या मोदी अब भी ब्रिक्स के साथ घूमेंगे? ये पहली बार नहीं है जब स्वामी मोदी सरकार पर हमलावर हैं। इससे पहले भी उन्होंने ब्रिक्स को लेकर पीएम मोदी पर भारत के स्वाभिमान को कम करने का आरोप लगाया था।

एक ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि दुनिया कानाफूसी कर रही है कि ब्रिक्स में वास्तव में तीन लोग हैं- साहेब, बीबी और गुलाम। मोदी ने साहेब चीन और बीबी रूस के साथ बैठने की सहमति देकर भारत के स्वाभिमान को कम किया है। ब्रिक्सक दुनिया की पांच उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है। इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीका के इस आर्थिक सकमूह से जुड़ने से पहले इसे ब्रिक ही कहा जाता था। ब्रिक के पहली शिखर स्तर की आधिकारिक बैठक 16 जून 2009 को रूस के येकाटेरिंग में हुई थी। हालांकि पहले ब्रिक देशों के विदेश मंत्री 2008 में एक बैठक कर चुके थे।

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ब्रिक्स देशों का 14वां शिखर सम्मेलन 23 जून को बीजिंग में डिजिटल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। चीनी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। चीन इस साल ब्रिक्स की अध्यक्ष है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ भारत के प्रधानमंत्री मोदी के भाग लेने की भी उम्मीद है।

उधर, पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) एम.एम.नरवणे ने सोमवार को जानकारी दी कि 2020 में लद्दाख गतिरोध के दौरान सशस्त्र बलों ने जो कार्रवाई की वह संपूर्ण राष्ट्रीय प्रयास था और इसका श्रेय तीनों सेनाओं के बीच कॉर्डिनेशन और भारतीय जवानों की दृढ़ इच्छाशक्ति को जाता है जिन्होंने इतनी ऊचाई पर कठोर मौसम की स्थिति के बावजूद अपनी पोस्ट पर बने रहे। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि अगर हमारे जवान अच्छे नहीं हैं तो सशस्त्र बल जो भी कार्रवाई करेंगे वह संभव नहीं होगी। नरवणे ने कहा, “हम कहते हैं कि बंदूक के पीछे का आदमी.. हमारे जवान, हमारी ताकत हैं।

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जब पत्रकारों ने हाल ही में सरकार द्वारा घोषित अग्निपथ योजना पर उनके विचार पूछे, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सशस्त्र बलों में अल्पकालिक भर्ती के लिए अग्निपथ योजना का देश के कई हिस्सों में विरोध हो रहा है। दो वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) और बालाकोट हवाई हमले, भारत-चीन गतिरोध पर लिखित किताबों के विमोचन के मौके पर सोमवार को जनरल नरवणे और पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) आरकेएस भदौरिया मौजूद थे।

जनरल नरवणे ने कहा, “मैंने पहले भी अपनी प्रेस कांफ्रेंस में यह बात साझा की थी कि जिस समय एलएसी पर तनाव चल रहा था, तीनों सेना प्रमुख मेरे कार्यालय में हर सुबह 9 बजे मिलते थे और आकलन करते थे कि क्या कार्रवाई की गई है और आगे क्या कार्रवाई करनी है।

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सोर्स – amarujala.com


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