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Sidhu MooseWala: सुरक्षाकर्मियों को गेट पर ही छोड़कर क्यों चले गए थे सिद्धू?, वजह आई सामने…

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पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा में तैनात दो पुलिस कर्मियों बलजिंदर सिंह व विपिन कुमार से बातचीत में घटना के दिन की कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। दोनों सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि घटना वाले दिन रविवार को वह दोनों घर पर ही थे, लेकिन सिद्धू मूसेवाला यह कह कर उन्हें साथ नहीं ले गए कि वह पांच मिनट में गांव के बस स्टैंड से गोलगप्पे खा कर आ रहे हैं। बाद में वह बस स्टैंड से कहीं और चले गए और रास्ते में उन पर हमला हो गया। सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला पहली बार अकेले नहीं गए थे।

पहले भी वह कई बार आसपास बिना सुरक्षा के अकेले ही चले जाया करते थे। उनके पिता उनको कहते भी थे कि सुरक्षाकर्मियों को अपने साथ रखें, लेकिन वह यह कह कर टाल देते थे कि ऐसे कुछ नहीं होता बापू..। सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि रविवार को भी जब सिद्धू मूसेवाला अकेले गए तो उनके पिता के घर आने पर हमने इसकी जानकारी दी। इसके बाद पिता के कहने पर हमने सिद्धू मूसेवाला की बुलेटप्रूफ गाड़ी से उनके पीछे जाना चाहा लेकिन वह पंक्चर थी। इसके बाद दूसरी गाड़ी लेकर उनके पीछे निकले लेकिन तब तक वारदात हो चुकी थी।

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सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि कुछ दिन पहले सिद्धू मूसेवाला के कुछ दोस्त आए थे। उनके पास छोटा रिवाल्वर था। वह इसे दिखाने लगे तो सिद्धू मूसेवाला ने उनको अपना रिवाल्वर चला कर देखने को कहा। उन्होंने रिवाल्वर चलाई थी, जिस कारण उसमें सिर्फ दो गोलियां ही बची थीं। जब हमला हुआ तो वही रिवाल्वर सिद्धू मूसेवाला के पास थी और जवाबी कार्रवाई में वह दो गोलियां ही चला पाए। उनके पास एक और मैगजीन थी, लेकिन दायीं बाजू में गोली लगने के कारण वह उसे लोड नहीं कर पाए। यदि वह इसे लोड कर लेते तो शायद जान बच जाती।

सिद्धू मूसेवाला के गांव मूसा के बस स्टैंड पर अरविंद चाट भंडार लगाने वाले अशोक कुमार ने बताया कि वारदात के दिन वह उनके पास आए थे, लेकिन बिना गोलगप्पे खाए यह कहकर निकल गए कि थोड़ी देर में आ रहा हूं। आकर गोलगप्पे खाऊंगा लेकिन लौटे नहीं।

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करीबी बताते हैं कि कुछ दिन पहले ही सिद्धू मूसेवाला मोहाली में दोस्त के पास गए थे। वहां उसकी थार गाड़ी अच्छी लगी तो वह उसे लेकर आ गए। सिद्धू ने इसकी कीमत भी चुकानी चाहिए, लेकिन दोस्त ने इन्कार करते हुए कहा कि जब दिल भर जाए तो लौटा देना। तब से वह अक्सर थार में बिना सुरक्षाकर्मियों के निकल जाते थे और थोड़ी देर बाद वापस भी आ जाते थे।

पुलिस विभाग के सूत्र बताते हैं कि घटना वाले दिन ही सुरक्षा में तैनात दोनों सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ की गई तो सिद्धू मूसेवाला के परिवार ने उनका साथ दिया और कहा कि इनकी कोई गलती नहीं। सिद्धू इनकी बात न मान कर अकेले चले गए थे।

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सोर्स – jagran.com


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