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25 करोड़ के लेन-देन पर विजलेंस टीम से क्या बोले समीर वानखेड़े ? पढ़ें विस्तार से

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क्रूज ड्रग्स मामले (Drugs on cruise case) के जांच अधिकारी समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) ने आज एनसीबी (NCB) की विजलेंस टीम के सामने अपनी बात रखी. उन्होंने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपो को लेकर एनसीबी की जांच टीम के सामने कई बड़ी बाते कहीं. जानकारी के अनुसार एनसीबी अधिकारी वानखेड़े ने एनसीबी की जांच टीम को अपना स्टेटमेंट सौपा है. इस स्टेटमेंट में उन्होंने कहा कि है कि उन पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह से निराधार है और यह केवल क्रूज ड्रग्स केस (cruise Drugs case) की जांच को भटकाने के लिए साजिश के तहत एक मनगढ़ंत कहानी तैयार की गई है.

क्रूज ड्रग्स मामले का अह गवाह प्रभाकर सेल (Prabhakar Sail) ने आरोप लगाया था जांच के दौरान उससे सादे कागज पर सिग्नेचर कराए गए थे. इस आरोप पर उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति से सादे कागज पर हस्ताक्षर नहीं कराए गए. उन्होंने कहा कि बाकायदा सीजर मेमो तैयार किया गया और उसके बाद ही सिग्नेचर लिए गए थे.

सादे कागज पर हस्ताक्षर को लेकर कही ये बात उन्होंने बताया कि जिस वक्त प्रभाकर सेल वहां पर पंचनामें पर साइन कर रहा था उस दौरान बाकी पंच और अफसर भी मौजूद थे. वानखेड़े ने कहा कि उन अफसर के भी बयान दर्ज होने चाहिए ताकि यह साबित हो सके कि सादे कागज पर पंच से साइन नहीं करवाए गए.

समीर वानखेड़े ने क्रूज पर रखी गई पार्टी की शुरुआती जांच से लेकर रेड पार्टी में शामिल ऑफिसर, पार्टी में शामिल पंच और गिरफ्तारी और इस जांच में बरामद हर जीच से जुड़ी एक एक जानकारी अपनी बयान दर्ज करवाई है.

केस से जुड़ी हर एक बात उच्चाधिकारियों से शेयर की समीर वानखेड़े ने कहा कि मैंने क्रूज केस और ड्रग्स पार्टी से लेकर इस केस से जुड़ी हर एक जानकारी अपने उच्छाधिकारियों से शेयर की. मैं लगातार उनको इस केस की प्रगति और हर एक स्टेप्स के बारे में जानकारी देता रहा हूं. उन्होंने कहा कि मैंने इस जांच के दौरान जो भी छापेमारी और गिरफ्तारी की वह सब कुछ हमारे सीनियर ऑफीसर्स की जानकारी में था.

अपने ऊपर सबसे बड़े आरोप 25 करोड़ रुपये के लेन देन पर समीर वानखेड़े ने कहा कि प्रभाकर सेल झूठ बोल रहा है. वह जांच की दिशा को भटकाने के लिए मनगढ़ंत कहानी रच रहा है. एनसीबी की जांच टीम को प्रभाकर से पूछताछ करनी चाहिए और अगर इसके बाद एनसीबी को लगता है तो वह इसकी जांच किसी भी एंजेंसी से करा सकती है.

उन्होंने कहा कि कस्टम में रहते हुए मैंने 727 करोड़ से ज्यादा के सीजर को अंजाम दिया. एनआईए में रहने को दौरान मैंने अंडरवर्ल्ड से जुड़े हुए कई बड़े केस पर काम किया और बड़े बड़े अपराधियों की गिरफ्तारी को अंजाम दिया. डीआरआई में रहते हुए मैंने ड्रग्स के बड़ी बड़ी बरामदगी की जो कि एनसीबी में आने के बाद भी जारी रही. डीआरआई में रहते हुए 416.91 करोड़ का माल बरामद किया और 192 करोड़ की ड्रग्स भी बरामद की. उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर लगाए जा रहे आरोप निराधार है एनसीबी को प्रभाकर से पूछताछ करनी चाहिए.

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सोर्स – hindi.news18.com


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