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महँगाई के बीच RBI ने जले पर छिड़का नमक, जानें कितनी बढ़ जाएगी आपकी EMI…

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) थोड़ी देर में मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देंगे। माना जा रहा है कि वह प्रमुख ब्याज दरों (Interest Rates) में 0.25 से 0.50 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा कर सकते हैं। जानकारों का का कहना है कि महंगाई (Inflation) लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है और इसे देखते हुए रिजर्व बैंक रेपो रेट में चौथाई से आधा फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकती है। दास पहले ही ऐसे संकेत दे चुके हैं कि नीतिगत ब्याज दर में बढ़ोतरी की जा सकती है।

आरबीआई ने पिछले महीने भी अचानक रेपो दर (Repo Rate) और नकद आरक्षित अनुपात (CRR) में वृद्धि कर सबको हैरान कर दिया था। करीब दो साल बाद रेपो रेट में बढ़ोतरी की गई थी। रेपो दर को 0.40 फीसदी बढ़ाकर 4.40 फीसदी कर दिया गया था जबकि सीआरआर में भी 0.50 फीसदी की वृद्धि की गई थी। उसके बाद लगभग सभी बैंकों ने भी लोन महंगा कर दिया था। रेपो रेट बढ़ने से होम लोन और कार लोन सहित रेपो रेट बेंचमार्क लिंक्ड ब्याज दरों में इजाफा होता है। इससे लोन पर किस्त यानी ईएमआई बढ़ जाती है।

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रिजर्व बैंक के इस सख्त कदम के लिए बढ़ती हुई मुद्रास्फीति को जिम्मेदार बताया गया था। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर, 2021 से ही लगातार बढ़ रही है। खुदरा महंगाई अप्रैल, 2022 में आठ साल के उच्च स्तर 7.79 प्रतिशत पर पहुंच गई। एचडीएफसी बैंक ट्रेजरी रिसर्च डेस्क की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि कर सकता है। साथ ही आरबीआई वैश्विक और घरेलू मूल्य दबावों में बदलाव का हवाला देते हुए महंगाई के पूर्वानुमान में बदलाव कर सकता है। पहले इसके 5.7 फीसदी रहने का अनुमान था लेकिन अब इसमें 0.70-0.80 प्रतिशत तक का बदलाव हो सकता है।

त्रेहन समूह के प्रबंध निदेशक सारांश त्रेहन ने कहा कि आरबीआई प्रमुख नीतिगत दरों में 0.50 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकता है। बैंक इसका बोझ कर्जदारों पर ही डालेंगे, लेकिन ब्याज दरों के निचले स्तर पर होने से मांग पर इसका खास असर नहीं पड़ेगा। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इन्फोमेरिक्स ने नीतिगत दर में 0.35-0.50 प्रतिशत तक की वृद्धि किए जाने का अनुमान जताया है। ट्रस्ट म्युचुअल फंड के कोष प्रबंधक आनंद नेवतिया ने भी कहा कि आरबीआई लिक्विडिटी में कमी लाने के लिए सीआरआर बढ़ाने के साथ रेपो दर में 0.35-0.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकता है।

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अगले कुछ महीनों में होम और दूसरे लोन्स पर ईएमआई तेजी से बढ़ सकती है। इसके बारे में सोमवार को बॉन्ड बाजार (Bond Market) से मजबूत संकेत मिले हैं। शुरुआती कारोबार में 10 साल के सरकारी बॉन्ड (Government Bonds) पर बेंचमार्क यील्ड (Yield) 7.5 फीसदी सालाना से अधिक हो गई, जो कि तीन साल के उच्च स्तर से अधिक है। बेंचमार्क यील्ड में बदलाव के बाद अब बैंक कर्ज और जमा पर ब्याज दरों (Interest Rates on Loans and Deposits) को बदलेंगे।

बॉन्ड बाजार के दिग्गजों को लगता है कि अगले कुछ महीनों में दरें और भी तेजी से बढ़ेंगी। मुख्य रूप से बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों को बढ़ाया जाएगा। कच्चे तेल के भाव (Crude Oil Rates) में तेजी आने से आने वाले महीनों में महंगाई और भी बढ़ सकती हैं। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) मंगलवार को अपने 14 साल के उच्च स्तर के करीब 120 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड करता दिखाई दिया। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत में पेट्रोल, डीजल ( Petrol Diesel Price) और रसोई गैस की कीमतें (LPG Prices) बढ़ सकती हैं।

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सोर्स- navbharattimes.indiatimes.com


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