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नरोत्तम मिश्रा को आतंकवादी कहे जाने पर 150 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

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खरगोन में रामनवमी जुलूस के दौरान हुई हिंसा ( violence on Ram navami in Khargone ) के बाद हुई कार्रवाई के बाद नीमच एसपी ऑफिस पर MIC के सदस्यों का प्रदर्शन करना भारी पड़ गया है। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सीएम शिवराज के खिलाफ नारेबाजी की थी और नरोत्तम मिश्रा को आतंकवादी कह दिया था।

ऐसा करने वाले 150 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज ( case registered on 150 Person ) किया है। 11 लोगों के खिलाफ आईपीसी 188 के तहत नामजद किया है। नीमच पुलिस के अनुसार, सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने पर 150 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। नीमच एसपी सूरज वर्मा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों से एक बॉन्ड भी भरवाया गया है, ताकि वे इस तरह की हरकत फिर से न करें।

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नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश बीजेपी के कद्दावर नेता हैं। दतिया से विधायक हैं। इस वक्त मध्य प्रदेश में शिवराज कैबिनेट का सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालय गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। नरोत्तम मिश्रा साल 1990 में पहली बार विधायक बने। विधासभा में सचेतक भी रह चुके हैं। उसके बाद साल 1998, 2003, 2008, 2013 और 2018 में छठी बार विधायक बन विधानसभा पहुंचे। नरोत्तम मिश्रा पहली बार साल 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री के रूप में शामिल हुए थे।

मध्य प्रदेश की सियासत में नरोत्तम मिश्रा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के भरोसेमंद माने जाते हैं। यही कारण है कि साल 2005 में जब पहली बार शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने नरोत्तम मिश्रा को अपने कैबिनेट में रखा। इसके बाद से वे लगातार शिवराज सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभालते आ रहे हैं। दरअसल, खरगोन हिंसा के बाद मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि जिन्होंने पत्थरबाजी की और घर जलाएं हैं, उनके घर भी खंडहर बन जाएंगे। उन्होंने में दो टूक में कहा है ‘जैसा को तैसा’। आगे नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उनका मानना है कि दंगाइयों के साथ ऐसा ही व्यवहार होना चाहिए। ऐसे लोग समाज विरोधी हैं और ये लोग भले लोगों का जीना मुश्किल कर देते हैं।

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उन्होंने कहा कि दंगाइयों ने घर जलाए, बच्चों को निर्ममता से मारा। कई आज भी अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे में इन लोगों के साथ क्या करना चाहिए? दंगाइयों पर तुरंत कार्रवाई भी होनी चाहिए। सरकार नाम की कोई चीज भी होती है, ये दिखनी भी चाहिए। आगे नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हमारे पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में रामनवमी पर एक भी हिंसा की घटना नहीं हुई। हमारी भी जवाबदेही है। हमारे यहां एसपी को गोली लगी है। पुलिस अधिकारी का सिर फटा है। मतलब साफ था, वे वहां मौजूद थे। नरोत्तम मिश्रा ने सख्त लहजे में कहा कि अब हमारे यहां भी तू तू-मैं मैं नहीं होगी।

नरोत्तम मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया कि जो उन्होंने बयान दिया था, उसके लिए उन्हें कोई दुख नहीं है और वे आज भी अपने बयान पर कायम हैं। आगे उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि ‘मुस्लिम’ समझ कर कार्रवाई की गई है तो वे गलत हैं। हमने दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई की है, न कि जाति, धर्म और व्यक्ति के खिलाफ।

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सोर्स – navbharattimes.indiatimes.com


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