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पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर बोले PM मोदी,  राज्यों के कंधों मैं डाली जिम्मेदारी

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बढ़ती तेल कीमतों के लिए विपक्ष के निशाने पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पलटवार के मूड में दिखे. मौका तो कोरोना पर मुख्यमंत्रियों की मीटिंग का था, लेकिन पीएम मोदी ने न सिर्फ पेट्रोल-डीजल के बढ़े हुए दाम का जिक्र छेड़ा बल्कि इस मामले में गेंद भी विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों के पाले में डाल दी. पीएम मोदी ने तेल कीमतों में महंगाई की आग की वजह रूस-यूक्रेन युद्ध को बताया. फिर उन्होंने केंद्र-राज्यों के बीच तालमेल की दुहाई दी और विपक्षी मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे भी जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटाएं, जैसे केंद्र ने नवंबर के महीने में एक्साइज ड्यूटी घटाई थीं.

पीएम का ये बयान ऐसे समय में आया है जब जनता पेट्रोल-डीजल, पीएनजी, सीएनजी के रोज बढ़ते दामों से त्रस्त है. इसे लेकर विपक्ष मोदी सरकार को घेर रहा है लेकिन अब चूंकि खुद प्रधानमंत्री ने सीधे मुख्यमंत्रियों से बातचीत में तेल पर वैट घटाने की अपील कर दी है तो ये विपक्ष के लिए भी न निगलते बनेगा और न उगलते.

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मुख्यमंत्रियों संग बातचीत में मोदी ने कहा कि जो युद्ध की परिस्थिति पैदा हुई है, जिससे सप्लाई चैन प्रभावित हुई है, ऐसे माहौल में दिनों-दिन चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं. ये वैश्विक संकट अनेक चुनौतियां लेकर आ रहा है, ऐसे में केंद्र और राज्य के बीच तालमेल को और बढ़ाना अनिवार्य हो गया है. मोदी ने आगे पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का उदाहरण दिया. वह बोले कि लोगों पर भार कम करने के लिए नवंबर में केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी. तब राज्य सरकारों से भी VAT घटाने को कहा गया था. कुछ राज्यों ने तो केंद्र की बात मानकर लोगों को राहत दी, लेकिन कुछ राज्यों ने ऐसा नहीं किया.

पीएम मोदी ने कहा कि इस वजह से उन राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमत इस वक्त बाकी राज्यों से ज्यादा है. पीएम ने कहा कि ऐसा करना अन्याय है क्योंकि इसका नुकसान पड़ोसी राज्यों को भी होता है क्योंकि लोग वहां तेल भरवाने जाते हैं. पीएम ने माना कि टैक्स में कटौती करने वाले राज्य को राजस्व की हानि होती है लेकिन इससे आम जनता को राहत मिलती है.

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मोदी ने आगे कहा कि कर्नाटक अगर वैट नहीं घटाता तो उसे भी इन छह महीनों में पांच हजार करोड़ से ज्यादा का राजस्व मिलता. गुजरात ने भी वैट घटाया था. नहीं घटाया होता तो उसे भी 3-4 हजार करोड़ का ज्यादा राजस्व मिल जाता. लेकिन इन समेत कई राज्यों ने टैक्स में कटौती करके अपने राज्य के लोगों को राहत दी. वहीं कर्नाटक-गुजरात के पड़ोसी राज्यों ने कटौती नहीं करके 4-5 हजार करोड़ का अतिरिक्त राजस्व कमा लिया.

मोदी ने बताया कि भारत सरकार के पास जो रेवेन्यू आता है उसका 42 फीसदी तो राज्यों के पास ही चला जाता है. प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि केंद्र द्वारा एक्साइज ड्यूटी घटाए हुए छह महीने बीत चुके हैं. लेकिन राज्य सरकारें चाहें तो अब भी VAT कम करके राहत दे सकती हैं.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बीते कुछ दिनों से तो बदलाव नहीं हुआ है. लेकिन उससे पहले लगातार कई दिनों तक तेल के दाम बढ़े थे. फिलहाल देश भर में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के पार है. दिल्ली से सटे नोएडा में पेट्रोल 105.47 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.03 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. वहीं, गाजियाबाद में पेट्रोल 109.79 रुपये प्रति लीटर और डीजल 105.26 रुपये प्रति लीटर पर टिका है.

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सोर्स – aajtak.in


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