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UpdateMarts : अफसरों ने नई पेंशन को बताया बेहतर, शासन के दावे पर कर्मचारी उठा रहे सवाल

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UpdateMarts : Old Pension And New Pension : सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरनाथ यादव ने मुख्य सचिव के ने स्तर से नई पेंशन को पुरानी पेंशन से बेहतर बताए जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने नई पेंशन की खामियां गिनाते हुए पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की है। यादव ने कहा है कि शासन के अधिकारियों ने नई पेंशन प्रणाली को बेहतर बताकर जिस चालाकी का परिचय दिया है, कर्मचारी उनके झांसे में आने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा कि एनपीएस पेंशन न होकर स्वनिवेशित धन वापसी योजना है। एनपीएस में मिलने वाली वार्षिकी का न मूल वेतन से कोई संबंध है और न ही मूल्य सूचकांक से। इससे नए सिस्टम में कोई महंगाई राहत नहीं मिलेगी। मृत्युपर्यंत सिर्फ फिक्स राशि मिलेगी। वेतन आयोग की रिपोर्ट आने पर हर वेतनमान में न्यूनतम पेंशन और पेंशन निर्धारण की व्यवस्था रहती है, जो नई पेंशन प्रणाली में नहीं है। पेंशनर/पारिवारिक पेंशनर की आयु 80 वर्ष होने पर पेंशन 20 प्रतिशत बढ़ाई जाती है जो 100 वर्ष होने पर दोगुनी हो जाती है।

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उन्होंने बताया कि जीपीएफ नियमावली 1985, नई व्यवस्था में नहीं है। टियर-2 खाता खोलने की व्यवस्था है, किंतु अव्यावहारिक है। प्रदेश में एक भी टियर-2 खाता खोले जाने की जानकारी नहीं है। अधिकतर फंड मैनेजर के मुख्यालय मुंबई में हैं। कोई केस फं स गया तो क्लीयर कराने में पसीने छूट जाएंगे। महामंत्री ओपी त्रिपाठी का कहना है कि पेंशनर इन्हीं वजहों से पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने पीएम मोदी से आग्रह किया है कि वे पुरानी पेंशन को बहाल करने का एलान कर चुनाव के दौरान कर्मचारियों के बीच इसका श्रेय लें। संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीएल कुशवाहा ने कहा एनपीएस टोटल रिस्क है।

विधानसभा चुनाव के बीच पुरानी बनाम नई पेंशन का मुद्दा फिर गरमा गया है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों की पेंशन से संबंधित शिकायतों के मद्देनजर मुख्य सचिव ने कार्मिक एवं वित्त विभाग के अफसरों के साथ शुक्रवार को समीक्षा बैठक के सफाई दी है। इसे लेकर व्हाट्सएप ग्रुपों और फेसबुक आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शिक्षक और कर्मचारी मुखर हो गए हैं। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के पक्ष में किसी भी तरह के तर्क सुनने को कर्मचारी तैयार नहीं है।

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सेवानिवृत्त शिक्षक एवं पूर्व जिला पूर्व समन्वयक एपी मिश्र ने एक ग्रुप पर लिखा कि पुरानी पेंशन के अंतर्गत यदि पेंशन 17, 250 है तो कर्मचारी को मूल पेंशन 28,750 पर समय-समय पर अनुमन्य महंगाई राहत जोड़कर मिलेगी। यानि वर्ममान में अनुमन्य 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता 8912 जोड़कर कुल 26163 रुपये बनते हैं लेकिन एनपीएस में 19,569 पेंशन ही मिलेगी। ओपीएस लगातार बढ़ता है जबकि एनपीएस पर महंगाई राहत नहीं मिलेगी। इसलिए एनपीएस नुकसानदेह है।

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