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ड्रग्स केस में सवालों के घेरे में NCB- एक साल में 5 मामले और सबमें एक ही गवाह

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मुंबई क्रूज ड्रग केस मामले में जमानत मिलने के बाद आज शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान जेल से बाहर आ गए। मुंबई ड्रग केस अब दो हिस्सों में बंट चुका है। एक ओर आर्यन खान का मामला है तो दूसरी ओर एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े पर लगे आरोपों की जांच। नवाब मलिक के ताबड़तोड़ हमलों के बाद समीर वानखेड़े सवालों के घेरे में आ गए हैं। इतना ही नहीं, एक नई जानकारी जो सामने आई है, उससे एनसीबी भी सवालों के घेरे में आती दिख रही है।

इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि आर्यन खान ड्रग केस में एनसीबी ने जिन 10 गवाहों को पेश किया था, उनमें से एक शख्स ऐसा भी है, जिसका इस्तेमाल पंच गवाह के रूप में एक साल के भीतर एजेंसी पांच मामलों में कर चुकी है। इस शख्स का नाम है आदिल फजल उस्मानी।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में एनसीबी के स्वतंत्र गवाह किरण गोसावी और मनीष भानुशाली को लेकर भी सवाल किए गए हैं। बता दें कि फरार चल रहे किरण गोसावी को 2018 के धोखाधड़ी मामले में पुणे पुलिस ने दो दिन पहले ही गिरफ्तार किया है। वहीं, मनीष भानुशाली पर आरोप है कि उसका भाजपा से संबंध है। इसके अलावा, गवाह प्रभाकर सेल ने एनसीबी मुंबई के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े पर उन्हें खाली पन्नों पर हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया है।

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एनसीबी के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें ज्ञात पंचों पर वापस आना होगा क्योंकि ड्रग केस में रेड के दौरान किसी डर और कानूनी उलझनों से बचने के लिए लोगों को बोलने के लिए तैयार करना व्यावहारिक रूप से कठिन काम है। हालांकि, अदालतों ने अक्सर आदतन पंचों के बारे में कहा है कि वे पंच ‘पुलिस के अंगूठे के नीचे’ हैं और इसलिए उन्हें स्वतंत्र गवाह नहीं माना जा सकता है।

इन चारों यानी उस्मानी, गोसावी, भानुशाली और सेल के अलावा, एनसीबी ने ऑब्रे गोमेज, वी वैंगंकर, अपर्णा राणे, प्रकाश बहादुर, शोएब फैज़ और मुज़म्मिल इब्राहिम को क्रूज पार्टी ड्रग केस में पंच गवाहों के रूप में सूचीबद्ध किया है। इनमें से कुछ सुरक्षा कर्मचारी हैं। अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के पास उपलब्ध डेटा के अनुसार, उस्मानी को एनसीबी ने बीते एक साल में ड्रग्स से जुड़े पांच अन्य मामलों में गवाह बनाया गया है। उस्मानी जोगेश्वरी का रहने वाला है। इतना ही नहीं, सभी मामलों में उस्मानी का एक ही पता बताया गया है।

बता दें कि समीर वानखेड़े के खिलाफ कई आरोप लगाने वाले महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक गोसावी के आपराधिक रिकॉर्ड और भानुशाली के भाजपा लिंक की ओर इशारा करने वाले पहले व्यक्ति हैं। संयोग से एनसीपी नेता मलिक ने एनसीबी के एक अधिकारी द्वारा कथित तौर पर वानखेड़े के खिलाफ आरोपों के साथ एक गुमनाम पत्र भी साझा किया, जिसमें एक “ड्रग पेडलर”, आदिल उस्मानी का संदर्भ है।

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सोर्स – livehindustan.com


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