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मेजर जनरल जेपी सिंह बोले- 4 साल की नौकरी में 1 साल की छुट्टी, ढाई साल की ट्रेनिंग में ये क्या सीख लेंगे

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अग्निपथ योजना के खिलाफ देश के कई हिस्सों में उग्र विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। बिहार में पिछले चार दिन से हिंसक प्रदर्शन जारी है। इस बीच रक्षा मंत्रालय ने अग्निवीरों को नौकरी में 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है। वहीं इससे पहले गृह मंत्रालय ने सीएपीएफ और असम राइफल्स में 10 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की थी। इस मुद्दे पर एक टीवी डिबेट के दौरान मेजर जनरल जेपी सिंह ने सवाल उठाया कि चार साल की नौकरी में एक साल की छुट्टी, ढाई साल की ट्रेनिंग में ये क्या सीख लेंगे?

मेजर जनरल जेपी सिंह ने कहा, “चार साल के कार्यकाल में एक साल इनकी छुट्टी रहेगी। हर साल तीन महीने की छुट्टी मिलती है। 6 महीने की इनकी ट्रेनिंग रहेगी, अब ढाई साल में आप इनकी क्या ट्रेनिंग कराएंगे और क्या सिखाएंगे?” उन्होंने कहा कि ये आगजनी आज शाम को बंद हो जाएगी अगर सरकार ये लिखित में दे कि चार साल बाद अग्निवीरों को पैरामिलिट्री फोर्स या बीएसएफ़ में रख लेंगे।

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चार साल वाला सैनिक जुनून से क्या लड़ेगा: डिबेट के दौरान एंकर ने सवाल उठाया कि चार साल वाला वो सैनिक जुनून से क्या लड़ेगा? उसे तो लगेगा कि चार साल बाद मेरी नौकरी चली जाएगी। साथ ही उन्होंने पूछा कि चार-पांच लगते हैं एक सैनिक को तैयार करने में ऐसे में ये 6 महीने के क्रैश कोर्स की तरह कैसे होगा? इस सवाल के जवाब में रिटायर्ड मेजर जनरल जेपी सिंह ने कहा, “इस मुद्दे पर न कोई राय ली गयी ना डिबेट किया गया और बस ये अग्निपथ स्कीम लॉन्च कर दी गयी। इस मुद्दे पर डिबेट होना जरूरी था।

जनरल जेपी सिंह ने आगे कहा, “इस स्कीम को लेकर जो आगजनी हो रही है अगर उसे आप देखेंगे तो पाएंगे कि प्रदर्शन कर रहे लोग 30-35 साल के हैं, कोई भी वहां 21-22 साल का नहीं है। वो आर्मी में जाने के पात्र ही नहीं हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इस स्कीम को दो हिस्सों में बांट सकते हैं, पहली इसकी यूटिलिटी डिफेंस सर्विस में क्या है और दूसरा पोस्ट रिटायरमेंट क्या है?

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सेना में आने वाले हिंसा नहीं करते: वहीं, दूसरी ओर रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल केके सिन्हा (रिटायर्ड) ने अग्निपथ स्कीम पर मचे बवाल पर कहा, “जो सेना में आना चाहते है वो इस तरह की हिंसा नहीं करते।” उन्होंने कहा कि सेना में आने वाले लोग देश को इस तरह कि हिंसा से बचाते हैं ना कि आगजनी और लूटपाट करते हैं।

वहीं रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल एके सिवाच (रि.) ने इस स्कीम की कमियां गिनाते हुए कहा, “जो जवान आएंगे इसके अंदर उन्हें डर रहेगा कि 4 साल बाद उनका क्या होगा? दूसरा अग्निवीर अगर देश के लिए शहीद होते हैं तो उन्हें भी उतना ही पैसा मिलना चाहिए जितना भारतीय सेना के किसी आम जवान को।

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सोर्स – jansatta.com


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