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थाने में रेप पीड़िता से बलात्कार का आरोपी SHO  गिरफ्तारी

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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के ललितपुर (Lalitpur) में थाने के भीतर कथित रेप पीड़िता से बलात्कार के आरोपी एसएचओ (SHO) को गिरफ्तार कर लिया गया है. एसएचओ तिलकधारी सरोज को पहले ही सस्पेंड कर दिया गया था. सरोज पर केस दर्ज होते ही वह फरार हो गया था. आरोपी की तलाश में बुधवार, 4 मई को कौशांबी, प्रयागराज और बांदा में छापेमारी की गई. जिसके बाद एसएचओ को प्रयागराज (Prayagraj) से गिरफ्तार किया गया. प्रयागराज जोन के एडीजी प्रेम प्रकाश ने कहा कि रेप का केस दर्ज किया गया है और इसकी उच्च-स्तरीय जांच की जाएगी.

आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी इंस्पेक्टर ने गिरफ्तारी के बाद मीडिया से कहा कि वह पूरी तरह निर्दोष है. उसने बताया कि उसे झूठा फंसाया गया है, अगर इस मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच होगी तो उसके खिलाफ दोष साबित नहीं होगा.

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मामला तूल पकड़ने के बाद समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) रेप पीड़िता के परिवार से मिलने ललितपुर पहुंचे. परिवार से मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा – “मैं रेप पीड़िता की मां से मिलकर आया हूं. मां ने बताया कि उनकी बेटी को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. शुरू में पुलिस ने मामले में सुनवाई नहीं की. मामले में पुलिस दोषी है. जिससे उम्मीद की जाती है कि उनसे न्याय मिलेगा, अगर वही पुलिस उस बेटी के साथ ऐसी घटना करे तो सोचिए हम किस दौर में हैं. अब बीजेपी सरकार बताए कि पुलिस स्टेशन पर बुलडोजर चलेगा कि नहीं चलेगा?

बहुजन समाज पार्टी (BSP) चीफ मायावती ने भी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा – “ललितपुर के पाली थाने में पुलिस द्वारा एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप की घटना अत्यंत शर्मनाक है. बीएसपी की मांग है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे.

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यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने मीडिया को बताया कि डीजीपी ने झांसी डीआईजी को मामले की जांच करने और रिपोर्ट सौंपने को कहा है. उन्होंने कहा कि इसमें एसएचओ और अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी. एडीजी ने थाने के सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है. उन्होंने कहा कि तीन आरोपियों को पहले ही पकड़ा जा चुका था.

ये पूरी घटना ललितपुर के पाली थाने की है. एक नाबालिग लड़की अपने साथ हुए कथित बलात्कार की शिकायत दर्ज कराने जाती है. बच्ची की मां द्वारा दर्ज शिकायत के मुताबिक, 27 अप्रैल 2022 की सुबह उनकी बेटी को थाने बुलाकर बयान लिया गया और शाम को थाना इंचार्ज ने बच्ची को कमरे में ले जाकर उसका रेप किया. ललितपुर पुलिस के मुताबिक इसमें थाना इंचार्ज के अलावा 5 और लोगों का नाम दर्ज हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्ची को चाइल्ड लाइन भेजा गया था, जहां काउंसलिंग के दौरान उसने अपने साथ हुई पूरी घटना बताई. चाइल्ड लाइन की टीम ने एसपी से इसकी शिकायत की थी. मामले में पाली थाना इंचार्ज सहित 6 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा-363, 376, 376(बी), 120(बी), पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया.

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सोर्स – thelallantop.com


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