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जांच अधिकारी ने की आशीष मिश्रा के खिलाफ धाराएं बढ़ाने की अर्जी- लखीमपुर की घटना हादसा नहीं साजिश थी

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लखीमपुर हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा समेत सभी 14 आरोपियों की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं. दरअसल, जांच अधिकारी ने कोर्ट से चार्जशीट दाखिल करने से पहले गैर इरादतन हत्या की धारा समेत 3 धाराओं को हटाकर साजिश के तहत जानलेवा हमले जैसी कड़ी धाराएं बढ़ाने की अपील की है. इस मामले में लखीमपुर सीजीएम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होगी.

जांच अधिकारी ने आशीष मिश्रा समेत सभी आरोपियों पर लगी गैर इरादतन हत्या 304A, लापरवाही से गाड़ी चलाने 279, और गंभीर चोट पहुंचाने 338 की धारा हटाने की अर्जी दी है. साथ ही आशीष मिश्रा पर जांच अधिकारी ने हत्या के प्रयास की धारा 307, खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने की धारा 326, समान उद्देश्य से कई लोगों के द्वारा की गई घटना 34, व 3/25 arms act लगाने की अनुमति मांगी है.

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कोर्ट में दी अपनी अर्जी में जांच अधिकारी ने लिखा है कि लखीमपुर के तिकुनिया में हुई हिंसा हादसा या गैर इरादतन की गई हत्या नहीं, बल्कि हथियारों से लैस होकर एक राय होकर गंभीर साजिश के साथ किए गए हत्या के प्रयास की घटना है. 3 अक्टूबर को लखीमपुर के तिकुनिया में हिंसा में 8 लोगों की मौत हो गई थी.

आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू ने अपनी जीप से किसानों को कुचल दिया. इसके बाद गुस्साई भीड़ ने आशीष के ड्राइवर समेत तीन लोगों की हत्या कर दी. इस मामले में 14 लोगों को आरोपी बनाया गया है. अब इस मामले में जांच अधिकारी विद्या राम दिवाकर ने लखीमपुर सीजेएम कोर्ट में आशीष मिश्रा समेत सभी आरोपियों पर लगी आईपीसी की तीन धाराओं को हटाने की अर्जी दी है.

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अर्जी में आईपीसी की धारा 279 लापरवाही से ड्राइविंग, 338 गंभीर चोट पहुंचाने और गैर इरादतन हत्या 304 A की धारा को हटाकर आशीष मिश्रा अंकित दास समेत सभी 14 आरोपियों पर नई धाराओं, 307 हत्या का प्रयास, 326 खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाना, सुनियोजित प्लानिंग की धारा 34 और अवैध शस्त्र रखने और बरामदगी 3/25 के साथ-साथ लाइसेंसी हथियार के दुरुपयोग की धाराओं को बढ़ाने की मांग की गई है.

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सोर्स – aajtak.in


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