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पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर 40 संदिग्धों के पोस्टर किए जारी, जनता से कही ये बात…

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कानपुर में बीते 3 जून को हुई हिंसा (Kanpur Violence) के आरोपियों और उपद्रवियों की पहचान के लिए पुलिस की तरफ से 40 आरोपियों के पोस्टर जारी कर दिए गए हैं। कानपुर पुलिस ने पत्थर फेंकने में शामिल उपद्रवियों के फोटो जारी करके जनता से नंबर (9454403715) पर जानकारी देने को कहा है। वहीं संदिग्धों की सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। दरअसल हिंसा के बाद से ही पुलिस तमाम वायरल वीडियो को इकट्ठा कर बवालियों की पहचान में जुटी है। अब तक 40 लोगों की शिनाख्त हो चुकी है जिनके पोस्टर छपवाए गए हैं। उपद्रवियों की शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया को भी खंगाला जा रहा है। इतना ही नहीं अन्य माध्यमों से भी उनकी पहचान करवायी जा रही है।

पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने कहा कि हम उपद्रवियों को कड़ा संदेश देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान कर उनकी संपत्तियां जब्त की जाएंगी। बता दें कि इससे पहले भी उत्तर प्रदेश सरकार उपद्रवियों की पहचान के लिए उनके पोस्टर सार्वजनिक तौर पर लगा चुकी है। हाल में ऐसा मामला चर्चा में तब आया था जब सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कई जगहों पर हिंसा भड़क उठी थी।

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सबसे पहले साल 2015 में सीसामऊ में एक धार्मिक जुलूस के दौरान हिंसा होने पर आरोपियों के पोस्टर सार्वजनिक तौर पर लगाए गए थे। इस बीच पुलिस ने बताया कि कानपुर हिंसा के कथित मास्टरमाइंड जफर हयात हाशमी के पीएफआई से जुड़े होने के अहम दस्तावेज मिले हैं। उसे फिलहाल 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। हिंसा फैलाने वाले उपद्रवियों को कानपुर में डिप्टी पड़ाव पास के एक पेट्रोल पंप से बोतलों में पेट्रोल दिया गया था। जांच में सीसीटीवी फुटेज में इसके सबूत मिले हैं। कार्रवाई करते हु पेट्रोल पंप का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। कानपुर में हुई हिंसा में पेट्रोल बम का जमकर इस्तेमाल किया गया था, इसके अलावा पत्थरबाजी भी जमकर की गई थी।

वहीं कानपुर में हिंसा कैसे बढ़ी और इसके पीछे किसका हाथ है इसके हर एंगल पर ATS भी जांच करेगी। इसके लिएएडीजी एटीएस नवीन अरोड़ा कानपुर पहुंचे हैं, उनके साथ स्पेशल कमांडो भी मौजूद हैं। ADG नवीन अरोड़ा ATS के जवानों के साथ हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान की जा रही है। आरोपियों पर गैंगस्टर और एनएसए लगाया जाएगा। उनकी संपत्ति भी कुर्क होगी। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए 24 लोगों में 4-6 नाम ही सार्वजनिक किए हैं। सूत्रों के अनुसार, कोतवाली पुलिस की हिरासत में मौजूद शख्स के पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से संबंध मिले हैं।

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विजय सिंह मीणा ने कहा, ‘स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT) गठित हुई है जो मामले की जांच करेगी. साथ ही एक और टीम गठित गई है जो इस मामले को लेकर जितनी भी कार्रवाई हो रही है. मुकदमें दर्ज किए जा रहे हैं उसे देखेगी. ये दोनों टीमें तय करेंगी की किस प्रकार आगे की कार्रवाई होगी। रात में उपद्रव करने वालों को चिन्हित कर कई उपद्रवियों को गिरफ़्तार किया। हयात ज़फ़र, जावेद अहमद, मोहम्मद राहिद, मोहम्मद सुफियान के शहर छोड़कर बाहर जाने की सूचना मिली। लखनऊ में जावेद कोई पोर्टल चलाता है। ये सभी लखनऊ में जावेद के चैनल के दफ़्तर में छुपे हुआ था। इनके पास से मोबाइल मिले हैं। जिनके पीएफआई से जुड़े होने को लेकर जांच की जा रही है।

पीएफआई ने मणिपुर और इम्फाल में बंद कॉल किया था, जिसमें इनकी भी भूमिका की जानकारी हो रही है। हालांकि अभी इस बात की जांच की जा रही है, जिसका भी रोल होगा उसकी गिरफ़्तारी की जाएगी। इनकी फंडिंग की भी जांच की जाएगी। इनके बैंक अकाउंट की जांच होगी।

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सोर्स – navbharattimes.indiatimes.com


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