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मांझी का बड़ा दावा, बोले- फर्जी SC सर्टिफिकेट पर 5 सांसद लोकसभा के लिए चुने गए

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Jitan Ram Manjhi : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और HAM पार्टी के मुखिया जीतनराम मांझी ने बुधवार को बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री सहित पांच सांसद अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित सीटों से फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने इसकी जांच कराने की मांग की है।

पार्टी की बैठक में मांझी ( Jitan Ram Manjhi ) ने जिन सांसदों पर आरोप लगाया उनमें केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल और जे शिवाचार्य महास्वामीजी (दोनों बीजेपी सांसद) भी शामिल हैं। इनके अलावा कांग्रेस के सांसद मोहम्मद सादिक, तणमूल कांग्रेस की अपरूपा पोद्दार और निर्दलीय सांसद नवनीत रवि राणा का भी नाम लिया। मांझी ने कहा कि फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर चुनाव लड़ने के बाद एससी के लिए आरक्षित सीटों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

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हालांकि, मांझी के आरोपों पर इन सांसदों की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उनमें से ज्यादातर ने पहले ही इन आरोपों को खारिज कर दिया है। बघेल के सहयोगियों ने कहा कि उनकी जाति उत्तर प्रदेश में एससी के तौर पर अधिसूचित है, जहां से वह निर्वाचित हुए। ध्यान रहे कि बंबई उच्च न्यायालय ने राणा के जाति प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया था लेकिन उन्हें सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई, जिसने जून में उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगा दी थी।

हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को संबोधित करने के बाद जीतनराम मांझी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार कश्मीर में शांति स्थापित करने की कोशिश कर रही होगी, लेकिन परिणाम दिख नहीं रहे हैं। उन्होंने आतंकवादियों की ओर से गरीब प्रवासियों की वहां हत्या किए जाने पर नाराजगी जताई। इनमें बिहार के भी चार मजदूर हैं, जिनकी हाल ही में आतंकियों ने हत्या कर दी।

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पौराणिक ग्रंथ रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि को देश के श्रद्धांजलि अर्पित करने के बीच दलित नेता अपनी इस विवादास्पद टिप्पणी पर अडिग रहे कि भगवान राम एक काल्पनिक पात्र थे। उन्होंने कहा कि संत, राम से हजारों गुना बड़े थे। उन्होंने कहा, ‘यह मेरा व्यक्तिगत विचार है और मैं किसी की भावनाओं को आहत नहीं करना चाहता।

मांझी ने दावा किया कि नौकरियों और स्थानीय निकाय चुनावों में कोटा का 15 से 20 प्रतिशत फायदा फर्जी जाति प्रमाणपत्रों के आधार पर अन्य लोग उठा लेते हैं। हम अध्यक्ष ने पार्टी की सभी संगठनात्मक इकाइयों को भंग करने का ऐलान किया और कहा कि जल्द ही उनका पुनर्गठन होगा। उन्होंने हर किसी के लिए एक साझा स्कूलिंग प्रणाली और दलितों के लिए अलग मतदाता सूची की मांग की।

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सोर्स – navbharattimes.indiatimes.com


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