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ताजमहल में भूमि पूजन करने जा रहे परमहंस दास को पुलिस ने किया नजरबंद तो त्यागा अन्न-जल

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अयोध्या से आगरा आए जगद्गुरु परमहंस दास को पुलिस ने ताजमहल जाने से रोक दिया। उन्होंने भूमि पूजन करने का एलान किया था। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की वार्ता पर भी वो अड़े रहे। चार घंटे बाद उन्हें गाड़ी से कीठम स्थित वन विभाग के गेस्ट हाउस लाया गया। परमहंस के अनुसार, उन्हें गेस्ट हाउस में नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने अन्न-जल त्याग दिया है। हालांकि एसपी सिटी विकास कुमार ने नजरबंद करने से इंकार किया। जगद्गुरु परमहंस दास 25 अप्रैल को भगवा पहनकर ताजमहल के गेट पर पहुंचे थे। उनके हाथ में भगवा कपड़ा लगा दंड भी था। चेकिंग में एएसआई कर्मियों ने उन्हें रोक दिया था।

उन्होंने आरोप लगाया था कि भगवा पहने होने के कारण ताज में प्रवेश नहीं दिया गया। मामला काफी चर्चा में रहा। विभिन्न संगठनों ने हंगामा भी किया था। इसके बाद जगद्गुरु परमहंस दास ने एलान किया था कि पांच मई को तेजो महालय (ताजमहल) में भूमि पूजन और शुद्धीकरण करने पहुंचेंगे।

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इसकी जानकारी होने पर पुलिस प्रशासन पहले से ही अलर्ट था। मंगलवार सुबह आठ बजे वो अपने शिष्य के साथ आगरा आए थे। वह ताजमहल जा रहे थे। फतेहाबाद रोड पर परमहंस को पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने रोक लिया। अधिकारियों ने उनसे वार्ता की, लेकिन वह ताजमहल जाने पर अड़े रहे। दोपहर तकरीबन 12 बजे पुलिस उन्हें विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकरियों के साथ कीठम झील स्थित गेस्ट हाउस ले गई। उन्हें शिष्य के साथ कमरे में बैठा दिया गया।

जगद्गुरु परमहंस दास ने अपना एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर जारी किया। इसमें उन्होंने भारत माता की जय, वंदेमातरम, हर हर महादेव बोलते हुए कहा कि अयोध्या से मैं तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस दास आज आगरा एएसआई चीफ के निमंत्रण देने पर आया था, लेकिन प्रशासन ने बीच में रोक दिया। तीन से चार घंटे इधर से उधर घुमाते रहे। इसके बाद कीठम झील स्थित गेस्ट हाउस में पहुंचा दिया गया। मुझे वहां अनुमति इसलिए नहीं दी गई कि क्योंकि मैं भगवा पहना हुआ हूं। मैं कीठम झील पर हूं। अन्न जल का परित्याग कर दिया है। या तो मुझे अनुमति दें, या फिर आमरण अनशन जारी रहेगा।

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आचार्य ने कहा कि वह तेजो महालय, जो भगवान का अति प्राचीन शिव मंदिर है वहां जा रहे थे। उन्हें बुलाया गया था। एक बार आए थे। मगर, भगवा पहनकर नहीं जाने दिया गया। अब बुलाकर रोक रहे हैं। पांच मई को शंकर भगवान की प्राण प्रतिष्ठा का एलान किया था। मगर, मंगलवार को भगवान परशुराम की जयंती पर भूमि पूजन करने जा रहे थे, लेकिन नहीं जाने दिया गया। अब वो अनशन पर ही रहेंगे।

राष्ट्रीय हिंदू परिषद भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद पाराशर ने बताया कि जगद्गुरु के साथ जाने की आशंका पर उन्हें भी घर में ही नजरबंद किया गया था। सुबह नौ बजे पुलिस आ गई थी। शाम को साढ़े छह बजे पुलिस गई। उन्हें दिनभर कहीं नहीं जाने दिया गया।एसपी सिटी विकास कुमार का कहना है कि परमहंस दास एक संगठन के पदाधिकारियों के साथ कीठम झील गए हैं। वह गेस्ट हाउस में अपनी स्वेच्छा से रुके हैं। पुलिस उनकी सुरक्षा में लगी है। उन्हें नजरबंद नहीं किया गया है।

गेस्ट हाउस में परमहंस दास को लाने के बाद कीठम झील की तरफ जाने वाले बैरियर पर पुलिस तैनात कर दी गई है। इससे आगे किसी को भी जाने नहीं दिया जा रहा था। गेस्ट के बाहर भी बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स लगा दी गई।

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सोर्स – amarujala.com


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