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IAS अफसर ने दिया इस्तीफा, बोले- लगता है जैसे कबाड़खाने में डाल दिया हो मुझे

20220705 150853 min
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महाराष्ट्र में तैनात 2008 बैच के IAS अफसर दौलत देसाई ने इस्तीफा दे दिया. वे महाराष्ट्र में चिकित्सा शिक्षा और औषधि विभाग (एमईडीडी) के संयुक्त निदेशक के पद पर तैनात थे. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखी, इसमें उन्होंने कहा कि किसी कोने में डंप किया जाना काफी निराशाजनक था.

MEDD में तबादले से पहले दौलत देसाई कोल्हापुर में कलेक्टर पद पर तैनात थे. 2019 में कोल्हापुर में आई बाढ़ से काफी तबाही हो गई थी. उस वक्त देसाई ने मोर्चा संभाला था. दौलत देसाई ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, मिश्रित भावनाओं के बीच मैं आप सभी को जानकारी देना चाहता हूं कि मैंने इस्तीफा दे दिया है और सारी शक्ति, सुरक्षा, स्थिति और प्रतिष्ठा को पीछे छोड़ते हुए स्वेच्छा से तथाकथित स्टील फ्रेम IAS से बाहर आ गया हूं.

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हालांकि अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रयास करना इस फैसले के पीछे प्रमुख वजह है. लेकिन कोल्हापुर के कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट के रूप में सबसे चुनौतीपूर्ण कार्यकाल पूरा करने के बाद कोने में पड़ा रहना काफी निराशाजनक था.

देसाई ने कहा कि सिविल सेवा से उन्हें देश के लोगों की सेवा करने का जबरदस्त अनुभव, पहचान और अवसर मिला. मैं बहुत भाग्यशाली था कि मैं उन कम लोगों में से एक था! यह आश्चर्य और सफलताओं से भरी एक बहुत ही संतोषजनक और रोमांचक यात्रा थी. देसाई ने कहा कि जब भी जनहित दांव पर रहा, उन्होंने कभी समझौता नहीं किया.

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मजबूत, स्थापित और शक्तिशाली लोगों के निहित स्वार्थों की अनदेखी करते हुए हमेशा कमजोर और जरूरतमंदों की आवाज सुनी. मेरे हाथ कांपे, लेकिन फैसले नहीं. कभी कभी मुझे ऐसे लोगों की आलोचना का खुशी खुशी सामना करना पड़ा, जो आहत हुए थे.

महाराष्ट्र कैडर के 2008 बैच के आईएएस अधिकारी दौलत देसाई ने कहा कि वह उन लोगों के ऋणी हैं जिन्होंने उनकी ईमानदारी का समर्थन और सराहना की. उन्होंने कहा कि यह आईएएस का औरा छोड़ने और एक आम आदनी बनने और बाहरी दुनिया में संघर्ष करने का समय है. उन्होंने लिखा, “मैं खुश और संतुष्ट हूं, कोई पछतावा नहीं है.” 14 साल के अपने करियर में देसाई आपदा प्रबंधन निदेशक और पुणे जिला परिषद के सीईओ भी रहे.

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