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फतेहपुर DM की गाय के देखभाल में लगे 7 डॉक्टर, लोग बोले- अंधेर नगरी चौपट राजा…

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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर की डीएम अपूर्वा दुबे इस वक्त विवादों में घिर गई हैं। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं और संसाधनों के दुरूपयोग करने के आरोप में तंज कस रहे हैं। अपूर्वा दुबे से जुड़ा एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ,है जिसके अनुसार सात डॉक्टरों को डीएम की गाय की देखभाल के लिए नियुक्त किया गया है। इतना ही नहीं पत्र में यह भी लिखा है कि इस कार्य में शिथिलता अक्षम्य है।

इतना ही नहीं, वायरल पत्र में साफ लिखा गया है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्‍टर सुबह-शाम अपनी रिपोर्ट सौंपा करेंगे। पत्रकार संजय त्रिपाठी ने इस पत्र को शेयर करते हुए लिखा कि ‘ये होते हैं जिलाधिकारी के ठाठ! सोशल मीडिया पर वायरल फतेहपुर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के पत्र में लिखा है कि डीएम की गाय की देखभाल सात पशु चिकित्साधिकारी सुबह-शाम करेंगे। यह भी कहा गया है कि काम में लापरवाही बर्दाश्त न की जाएगी। गजब है।

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परवेज अहमद ने लिखा कि फतेहपुर कलेक्टर की “गाय”….!! लगता है मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को सस्पेंड होना है। अपने संपत्ति की जांच करवानी है। कागज दुरुस्त कीजिए डॉ.एस के तिवारी जी ! कलेक्टर जिले का ईश्वर होता है, उसकी सेवा के लिए लिखित आदेश। मातहतों पर पकड़ नहीं आपकी , इस पद के योग्य नहीं हैं आप ?” पत्रकार संजय शर्मा ने लिखा कि “डीएम हो तो फतेहपुर की डीएम अपूर्वा जैसी ! मैडम तो मैडम , मैडम की गाय का जलवा भी इतना है कि सात सात डाक्टरों की ड्यूटी लगायी गयी है मैडम की गाय के लिये ! सिर्फ़ रोज देखेंगे ही नहीं बल्कि अपने हाकिम को रोज छह बजे बतायेंगे कि गाय की तबीयत अब कैसी है ! गजब मैडम गजब!

समाजवादी पार्टी की तरफ से तंज कसते हुए लिखा गया कि “यूपी में अंधेर नगरी चौपट राजा। DM फतेहपुर अपूर्वा दुबे की गाय बीमार है ,7-7 डाक्टरों की सख्त ड्यूटी लगाई गई है, ये अंधेर नगरी चौपट राजा नहीं तो और क्या है ? आम आदमी की गाय मरे या बैल ,भैंस मरे या बछड़ा , ना सरकार, ना डीएम, ना डॉक्टर कोई पूछने वाला नहीं, लेकिन DM की गाय विशेष है।’ मानसी मिश्रा ने लिखा कि ‘गाय को सब माता कहते हैं, लेकिन मानता कोई कोई है।

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एक यूजर ने लिखा कि ट्विटर पर आईपीएस और आईएएस एक अलग ही सादा जीवन उच्चविचार का प्रचार प्रसार करते रहते हैं। फिर ये लोग किस जगह से आते हैं।’ राजेश कुमार सिंह ने लिखा कि ‘जिलाधिकारी की नियुक्ति किसी गौशाला में कर देनी चाहिए एक महीने के लिए।’ विजय गुप्ता ने लिखा कि ‘डीएम साहिबा की गाय है, देखभाल में लापरवाही अक्षम्य होगी।

हालांकि खबरों के अनुसार, फतेहपुर मामले में नया मोड़ सामने आ गया है। कहा जा रहा है कि जिलाधिकारी अपूर्वा को बदनाम करने की साजिश के तहत इस पत्र को वायरल किया गया। जिलाधिकारी ने पशु चिकित्सा अधिकारी के सस्पेंशन के लिए पत्र लिखा था इसलिए सात डॉक्टरों की ड्यूटी डीएम की गायों के लिए लगाने का आदेश का लेटर जारी किया गया ताकि उनकी बदनामी हो। खबरों के अनुसार अपूर्वा दुबे ने यह भी कहा है कि उन्होंने गाय पाली ही नहीं है।

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सोर्स – jansatta.com


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