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किसान की जमीन नीलामी केस में पीछे हटा प्रशासन, निरस्त की प्रक्रिया, राकेश टिकैत पहुंचे

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दौसा. दौसा जिले में केसीसी का लोन (KCC Loan) नहीं चुका पाने पर नीलाम की गई किसान की जमीन (Farmer’s land auction) के मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासन तत्काल बैकफुट पर आ गया. दौसा के रामगढ़ पचवारा क्षेत्र के किसान की जमीन की नीलामी प्रक्रिया को प्रशासन ने निरस्त कर दिया है. इसके लिये प्रशासन ने तर्क दिया कि डीएलसी दर से कम बोली लगने के कारण नीलामी प्रक्रिया को निरस्त किया जाता है. इसके साथ ही बैंक और किसान परिवार को सेटलमेंट करने के निर्देश दिए. वहीं इस मामले की भनक लगने पर किसान नेता राकेश टिकैत और बीजेपी सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा दौसा पहुंच गये. केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भी किसानों की जमीन नीलामी मामले को लेकर गहलोत सरकार पर जोरदार हमला बोला.

दरअसल दौसा के रामगढ़ पचवारा के जामुन की ढाणी निवासी कजोड़ मीणा ने खेत में नलकूप लगाने के लिए करीब 3 लाख 87 हजार का कर्ज राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक से लिया था. लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह लोन नहीं चुका सका. करीब ढाई 2 माह पूर्व किसान कजोड़ मीणा की मौत हो गई थी. इसके बाद बैंक प्रशासन ने किसान के बेटों से कर्ज चुकाने के लिए नोटिस जारी किए. किसान पर ब्याज सहित करीब 7 लाख रुपए का ऋण हो चुका था. जब किसान का परिवार कर्ज नहीं चुका पाया तो मंगलवार को उसकी 15 बीघा 2 बिस्वा जमीन नीलाम कर दी गई.

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राजनीति गरमायी तो प्रशासन ने निकाला यह तोड़ किसान की जमीन नीलाम होने के बाद यह मामला देखते ही देखते सुर्खियों में आ गया और इस पर राजनीति गरमाने लगी. विपक्ष ने सरकार को कर्ज माफी का वादा याद दिलाया. उनका कहना था कि कांग्रेस सरकार ने चुनाव पूर्व वादा किया था कि अगर वह सत्ता में आई तो आते ही 10 दिन में किसानों की कर्ज माफी कर दी जायेगी और अब किसानों की जमीनें नीलाम की जा रही है. बताया जा रहा है कि उसके बाद प्रशासन पर पड़े दबाव के चलते वह बैकफुट पर आ गया और रामगढ़ पचवारा की एसडीएम मिथलेश मीणा ने एक आदेश जारी कर नीलामी प्रक्रिया को निरस्त कर दिया.

इस बीच केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट करके जमीन नीलामी के मामलों को लेकर गहलोत सरकार पर हमला बोला. वहीं राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा भी पीड़ित किसान परिवार से मिलने के लिए दौसा पहुंच गये. उन्होंने किसान परिवार से पूरे मामले की जानकारी ली. उसके बाद उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को राज्य सरकार पर कलंक बताते हुए कहा कि पहले किसानों से कर्ज माफी का वादा किया और जब किसान कर्ज नहीं चुका पाए तो उनकी जमीन नीलाम की जा रही है.

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पूरे घटनाक्रम के बाद राजसभा सांसद डॉ. किरोडीलाल मीणा पीड़ित परिवार को लेकर दौसा कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए लेकिन वे कलेक्ट्रेट नहीं पहुंचे और किसान परिवार को लेकर अन्यत्र कहीं ले गए. फोन पर सांसद मीणा ने कहा कि वे एक या 2 दिन में मुख्यमंत्री से समय लेकर इस पीड़ित परिवार को उनसे मिलाएंगे. वहीं किसान की जमीन नीलामी मामले की जानकारी मिलने पर बुधवार की रात किसान नेता राकेश टिकैत दौसा पहुंचे। उन्होंने रामगढ़ पचवारा में जाकर पूरे मामले की जानकारी ली. हालांकि किसान नेता राकेश टिकैत को किसान का परिवार नहीं मिला.

राकेश टिकैत गुरुवार को किसान कजोड़ मीणा के परिजनों से मुलाकात करेंगे. इसके साथ ही प्रशासन के अधिकारियों के साथ भी मीटिंग करेंगे. रामगढ़ पचवारा पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने आसपास के लोगों से और स्थानीय किसान नेताओं से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने किसान की जमीन नीलामी प्रक्रिया को अवैध बताते हुए कहा कि जिन अधिकारियों ने नीलामी की प्रक्रिया अपनाई थी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो और कार्रवाई की जाए.

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सोर्स – hindi.news18.com


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