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डॉ. कफील खान पर मुकदमा दर्ज, ऐंबुलेंस में जबरदस्ती इलाज करने का आरोप

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जिला अस्पताल की इमरजेंसी पर 108 ऐंबुलेंस में हुई महिला की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मामले में ऐंबुलेंस में घुसकर मरीज का इलाज करने और उसका वीडियो बनाकर वायरल करने को लेकर देवरिया कुशीनगर स्थानीय निकाय एमएलसी के सपा उम्मीदवार डॉ. कफील खान पर सरकारी काम में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज हुआ है। इस मामले में डॉ. खान ने ऐंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी से महिला की मौत का हवाला देते हुए ट्वीट भी किया था। डॉ. कफील के ट्वीट के बाद शासन ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए डीएम को फौरन जांच करने के निर्देश दिए थे।

खुखुन्दू थाना क्षेत्र के महुई संग्राम की गीता देवी (50) पत्नी वशिष्ठ नारायण मिश्र को 26 मार्च की देर रात को सीने में दर्द की शिकायत हुई। परिजन 108 ऐंबुलेंस से गीता को लेकर रात को जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। वहां एक अन्य घायल महिला को लेकर सपा के एमएलसी उम्मीदवार डॉ. कफील खान भी पहले से पहुंचे थे। गीता देवी की गंभीर हालत देखकर डॉक्टर कफील खान बिना किसी से पूछे 108 ऐंबुलेंस में चढ़कर गीता देवी का इलाज करने लगे। डॉ. खान ने घायल महिला और गीता देवी दोनों के इलाज करने का वीडियो भी वायरल किया था।

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जिला अस्पताल के चिकित्सक ने गीता देवी को मृत घोषित कर दिया। गीता देवी की मौत के बाद डॉ. खान ने ऐंबुलेंस में आक्सीजन समाप्त होने से महिला की मौत का हवाला देते हुए शासन को ट्वीट भी किया। डॉक्टर खान के ट्वीट को संज्ञान में लेते हुए शासन ने डीएम को जांच करने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर सीडीओ रवीन्द्र कुमार व एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज ने इसकी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है।

इस मामले में ऐंबुलेंस चालक प्रकाश पटेल ने भी डॉ. कफील के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस को दी गई तहरीर में ऐंबुलेंस चालक ने कहा कि 26 मार्च को ऐंबुलेंस में तैनात ईएमटी हरिवंश चौधरी पुत्र परशुराम चौधरी निवासी ननकापार थाना दुबौलिया जिला बस्ती के साथ वह ड्यूटी पर थे। वह भलुअनी स्वास्थ्य केंद्र से गीता मिश्र पत्नी वशिष्ठ नारायण मिश्र को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां महिला को एंबू बैग से ऑक्सीजन दी जा रही थी। इसी बीच डॉक्टर कफील ऐंबुलेंस में घुसकर महिला का इलाज करने लगे। इससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। इस दौरान महिला की मौत हो गई। चालक की तहरीर पर पुलिस ने मंगलवार की रात डॉ. कफील पर सरकारी काम में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज किया है।

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मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक पांडेय ने कहा कि गीता देवी गंभीर रूप से बीमार थी। उनका इलाज बीएचयू में चल रहा था। गंभीर हालत में परिजन उनको लेकर जिला अस्पताल आए थे। मौके पर मौजूद चिकित्सक ने उनका इलाज किया, मगर उनकी मृत्यु हो चुकी थी। इस मामले में डॉ. खान ने अक्सीजन नहीं होने का गलत आरोप लगाया था। डॉक्टर खान सरकारी चिकित्सक नहीं हैं। उन्होंने ऐंबुलेंस में चढ़कर मरीज के इलाज में बाधा उत्पन्न की थी।

पुलिस अधीक्षक डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि 108 ऐंबुलेंस के चालक ने पुलिस को तहरीर दी थी कि एक बीमार महिला को वह ऐंबुलेंस से अस्पताल लाया। वहां मौजूद डॉक्टर कफील खान ने जबरदस्ती ऐंबुलेंस में चढ़कर महिला का इलाज शुरू कर दिया। चालक द्वारा मना करने पर डॉक्टर खान नहीं माने और महिला के इलाज में बाधा उत्पन्न की। चालक की तहरीर पर डॉक्टर खान के ऊपर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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सोर्स – navbharattimes.indiatimes.com


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