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राज्य इकाइयों को BJP का निर्देश- राशन बैग पर हो कमल का चिह्न, दुकान के बाहर PM का बैनर

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केंद्र सरकार ने हाल ही में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के चौथे चरण के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के लाभार्थियों को जुलाई से लेकर नवंबर 2021 तक पांच महीने की और अवधि के लिए मुफ्त खाद्यान्न आवंटन को मंजूरी प्रदान कर दी। इसी के साथ भाजपा शासित प्रदेशों को निर्देश दिया गया है कि वे मुफ्त राशन वाली बोरियों और बैग्स में पार्टी के चुनाव चिह्न कमल की तस्वीर लगाएं, इसके अलावा राशन की दुकानों के बाहर लगने वाले बैनरों में भी पीएम की फोटो लगाने का संदेश दिया गया है।

भाजपा की सभी प्रदेश इकाइयों को भेजी गई चिट्ठी में भाजपा महासचिव अरुण सिंह ने कहा कि इस खाद्य योजना का जबरदस्त तरीके से प्रचार होना चाहिए। इसी के साथ चिट्ठी में भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए निर्देश भी दिए हैं। बता दें कि NFSA के तहत अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता वाले परिवार के तहत कवर किए गए 81.35 करोड़ लाभार्थियों को जुलाई से लेकर नवंबर, 2021 तक के लिए पांच किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह की दर से मुफ्त खाद्यान्न मिल सकेगा।

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बताया गया है कि राशन की दुकानों में पीएम की फोटो के साथ बैनर भी लगेगा। इसका डिजाइन भी भाजपा के दिल्ली दफ्तर में फाइनल हो चुका है। राज्य इकाइयों के प्रमुखों को जल्द से जल्द इन निर्देशों का पालन करने और राशन बोरियों में कमल का निशान सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। चिट्ठी में यहां तक कहा गया है कि गैर-भाजपा शासित प्रदेशों में भी राशन बैगों में कमल का निशान होना चाहिए। ऐसे राज्यों में राशन की दुकानों में लगे बैनर से मुख्यमंत्री की फोटो हटाकर सांसद-विधायकों की फोटो लगेगी।

इतना ही नहीं राज्य इकाइयों को निर्देश दिया गया है कि इस कदम को सोशल मीडिया पर भी फैलाया जाए। पार्टी नेताओं से योजना के लाभार्थियों से मिलने के लिए कहा गया है। इसके अलावा राशन की बोरियां प्लास्टिक की नहीं होनी चाहिए। साथ ही इन्हें बांटने में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए।

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योजना में केंद्र सरकार का कितना खर्च: केंद्र सरकार के मुताबिक, इस योजना के तहत 81.35 करोड़ व्यक्तियों को पांच महीने के लिए पांच किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह मुफ्त खाद्यान्न की मंजूरी से 64,031 करोड़ रुपये की अनुमानित खाद्य सब्सिडी की जरूरत होगी। बयान के अनुसार, चूंकि भारत सरकार इस योजना के लिए राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों के बिना किसी भी योगदान के पूरे खर्च को वहन कर रही है, भारत सरकार द्वारा परिवहन एवं ढुलाई और एफपीएस डीलरों के लाभांश आदि के लिए लगभग 3,234.85 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च किया जाएगा। इस प्रकार, भारत सरकार द्वारा वहन किया जाने वाला कुल अनुमानित व्यय 67,266.44 करोड़ रुपये होगा।

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सोर्स – jansatta.com


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