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BJP नेता आदित्य नारायण मिश्रा की सड़क हादसे में मौत, महंत नरेंद्र गिरि ने सुसाइड नोट में लिखा था नाम

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देहरादून उत्तराखंड से एक वैवाहिक कार्यक्रम में शिरकत कर कार से लौट रहे नैनी निवासी भाजपा नेता व पूर्व जिला मंत्री आदित्य नारायण मिश्र की बरेली में सड़क हादसे में मौत हो गई। दुर्घटना में नैनी के गंगा पुरम निवासी अशोक उर्फ चुच्चू पांडेय की भी मौत हो गई। जबकि आदित्य के पुत्र हर्षित, अशोक के पुत्र सचिन पांडेय व गनर पुनीत तिवारी की हालत गंभीर है।

अरैल के रहने वाले आदित्य अपने साथी अशोक उर्फ चुच्चू पांडेय उनके पुत्र आदित्य व हर्षित, गनर पुनीत तिवारी के साथ बीते 18 अप्रैल को उत्तराखंड के देहरादून में शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए थे। नैनी सड़वा निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेश गिरी उर्फ दीपू के छोटे भाई उत्कर्ष गिरि की शादी थी। शादी समारोह के बाद सभी लोग हरिद्वार चले गए। यहां से लौटते समय बरैली के गौघी पुरा थाना क्षेत्र में उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई।

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हादसा इतना जोरदार था कि आदित्य की मौके पर मौत हो गई। जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में अशोक उर्फ चुच्चू पांडेय की बृहस्पतिवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं अन्य गंभीर रूप से घायलों का इलाज चल रहा है। आदित्य मिश्र पांच भाइयों में बड़े थे। आदित्य नारायण मिश्र के पिता तारा शंकर मिश्र मूल रूप से फूलपुर के देवरी कला गांव के रहने वाले हैं। वह अरैल स्थित सच्चा बाबा संस्कृत महाविद्यालय में अध्यापक थे और बीते कई सालों से यहां पर रह रहे थे।

भाजपा नेता व पूर्व जिला मंत्री आदित्य नारायण मिश्र एक बार अरैल ग्राम सभा से प्रधानी व चाका ब्लॉक प्रमुख पद का चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें किसी भी चुनाव में सफलता नहीं मिली थी। 2017 के चुनाव में वह करछना विधानसभा से दावेदारी की थी। लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट न देकर पीयूष रंजन निषाद को टिकट दिया था। भाजपा संगठन में उनकी अच्छी पकड़ थी।

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भाजपा नेता आदित्य नारायण मिश्र की पहचान लड्डू गुरु के नाम से भी थी। वह बड़े हनुमान मंदिर बंधवा में लगभग दस सालों से अधिक समय से लड्डू की दुकान को संचालन करते थे। वर्ष 2019 कुंभ आयोजन से पहले मंदिर महंत नरेंद्र गिरी व उनके बीच किसी बात को लेकर मनमुटाव हो गया था। इसके बाद उनकी दुकान वहां से हटा दी गई थी। दुकान हटने के बाद परेड ग्राउंड में एक युवक पर हुए जानलेवा हमले में वह मुख्य आरोपी थे। इसी मामले में उन्हें जेल भी हुई थी। दस महीने वह जेल में थे।

देश विदेश में चर्चित महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में मिले सुसाइड नोट में आदित्य नारायण मिश्र का नाम भी था। महंत ने अपने सुुसाइड नोट में उनसे 25 लाख रुपये के लेन देने का जिक्र किया था। मामले में सीबीआई टीम ने उनसे भी पूछताछ की थी, लेकिन कोई ठोस आधार न मिलने के कारण उन्हें छोड़ दिया गया था। महंत नरेंद्र गिरि के मौत के बाद आदित्य नारायण मिश्र बड़े हनुमान मंदिर में अन्न क्षेत्र का संचालन कर रहे थे। महंत की मौत के बाद मंदिर में उनकी नजदीकियां फिर से बढ़ गई थीं। मंदिर के काम व अन्य व्यवस्थाओं में वह फिर से सहयोग करने लगे थे।

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सोर्स – amarujala.com


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