Politics

महाराष्ट्र BJP में बग़ावत: महाराष्ट्र में 14 नेताओं ने छोड़ी पार्टी

bjp-14-leaders-resigns-in-maharashtra-party-expels
आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-

नरेंद्र मोदी कैबिनेट में विस्तार के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में बगावत देखने को मिली है। महाराष्ट्र में 14 नेताओं ने पार्टी छोड़ दी तो पंजाब में पूर्व मंत्री को निकाल दिया गया। हालांकि, जवाब में उनकी ओर से कहा गया कि यह चीज उनके लिए मेडल समान है।

महाराष्ट्र की बात करें तो वहां सांसद प्रीतम मुंडे खाडे को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल न किए जाने के विरोध में शनिवार (10 जुलाई, 2021) को महाराष्ट्र के बीड जिला के 14 पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। इन नेताओं में बीड बीजेपी जिला महासचिव सरजेराव तांडले और जिला युवा इकाई के उपाध्यक्ष विवेक पाखरे शामिल हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति के सात सदस्यों ने भी इस्तीफा दिया है।

तांडले के मुताबिक, “अगर हमारे नेता का ही सम्मान नहीं होगा, तो फिर संगठन में बने रहने का क्या मतलब है? हजारों पार्टी कार्यकर्ता टकटकी लगाए इंतजार कर रहे थे कि प्रीतम मुंडे खाडे को केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री पद मिलेगा। मंत्रियों की सूची में उनका नाम नहीं आने पर हम टूट गए थे।

इस्तीफों पर मुंडे ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा था, “समर्थकों से हमारा बेहद गहरा नाता है। यह पुराना संबंध है, जो कि पद या पावर पर आधारित नहीं है। वे दुखी हैं…।” बीजेपी अंदरखाने के एक व्यक्ति ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि पार्टी ने बीजेपी नेता भगावत कराड को मंत्री बनाया है और इस फैसले ने प्रीतम के समर्थकों को आहत किया।

दरअसल, कराड वंजारा समुदाय से आते हैं, जो कि ओबीसी श्रेणी में आती है। वह मराठावाड़ के औरंगाबाद से ताल्लुक रखते हैं। खाडे और उनकी बड़ी बहन प्रीतम मुंडे (नेशनल बीजेपी सेक्रेट्री) भी वंजारा समुदाय से हैं और महाराठावाड क्षेत्र में बीड का प्रतिनिधित्व करती हैं। कराड को सशक्त बनाने का पार्टी का फैसला यह संदेश देता है कि बीजेपी मराठवाड में खाडे और मुंडे को आंकने के लिए वैकल्पिक ओबीसी नेतृत्व बनाने का प्रयास कर रही है।

उधर, पंजाब बीजेपी ने पूर्व मंत्री अनिल जोशी को छह साल के लिए पार्टी के लिए बाहर कर दिया। बीजेपी की राज्य इकाई के बयान के मुताबिक, जोशी को केंद्र सरकार, पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और उसकी नीतियों के खिलाफ बयानबाजी करने पर निकाला गया है। स्टेट यूनिट चीफ अश्विनी शर्मा के निर्देश पर उनके खिलाफ यह ऐक्शन लिया गया।

बीजेपी ने इससे पहले सात जुलाई, 2021 को उन्हें “दल विरोधी गतिविधियों” को लेकर शो-कॉज नोटिस भी थमाया था। वैसे, किसान आंदोलन पर पार्टी को घेरने वाले पूर्व मंत्री ने पार्टी की कार्रवाई पर कहा- उन्होंने (भाजपा) पार्टी में मेरी 37 साल की “तपस्या” को खत्म कर दिया।

2012-2017 के बीच शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) और बीजेपी के गठबधंन वाली पंजाब सरकार में स्थानीय निकाय, मेडिकल शिक्षा और शोध मामलों के मंत्री रहे जोशी ने कहा- क्या पंजाबवासियों के बारे में बात करना गलत है? बीजेपी कार्यकर्ता पीटे जा रहे हैं। क्या किसान आंदोलन के हल के बारे में बात करना गलत है? पंजाब बीजेपी चीफ और उनकी टीम ने केंद्र को सही प्रतिक्रिया नहीं दी है। इन्हीं लोगों ने मुझे पार्टी से निकाला है, जबकि जो पार्टी को बचाने की बात कर रहा है, उसे बाहर फेंक दिया गया।

ये भी पढ़ें -: पूर्व IAS गृह मंत्री से बोले- क्या ब्लॉक प्रमुख के लिए बहेगा खून?,SP सिटी को मारा थप्पड़ औऱ..

ये भी पढ़ें -: रागिनी नायक बोली- भाजपाइयों के ज़मीर के साथ-साथ ‘महिला आयोग’ भी मर गया है क्या?

सोर्स – jansatta.com


आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-