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BJP के साथ जाने की अटकलों पर आया उद्धव ठाकरे का बयान, पढ़ें विस्तार से…

20220625 124551 min
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Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने शुक्रवार को बीजेपी (BJP) के साथ किसी भी तरह के संबंध के सुझावों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि उनके और उनके परिवार पर “व्यक्तिगत हमले” करने वालों के साथ “कंधे से कंधा मिलाकर” बैठने की कोई संभावना नहीं है. पार्टी मशीनरी पर अपनी पकड़ मजबूत करने के प्रयास में शिवसेना जिलाध्यक्षों को वीडियो लिंक के माध्यम से संबोधित करते हुए, उद्धव ने कहा कि मुझ पर कुछ विधायकों का भाजपा से हाथ मिलाने का दबाव था.

मातोश्री और मेरे परिवार पर हमला करने वालों के साथ मैं फिर कभी नहीं बैठ सकता. मैं शांत हो सकता हूं, लेकिन मैं कमजोर नहीं हूं. एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के बागी विधायकों ने कहा है कि पार्टी को भाजपा के साथ अपने संबंधों को पुनर्जीवित करने और “वैचारिक रूप से विरोधी” कांग्रेस और राकांपा से अलग होने की जरूरत है.

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उद्धव ने बागी विधायकों पर हमला करते हुए कहा कि ‘जिन्हें हमने पाला, उनकी महत्वाकांक्षा कई गुना बढ़ गई है. मैं अब उनकी महत्वाकांक्षाओं को पूरा नहीं कर सकता. उन्हें जाने दो. उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के प्रति वफादारी की शपथ ली थी लेकिन जरूरत के समय उन्होंने इसे छोड़ दिया था. सीएम ठाकरे ने उन दावों को खारिज कर दिया कि उन्होंने उनके निर्वाचन क्षेत्रों के लिए विकास निधि का आवंटन सुनिश्चित नहीं किया.

सीएम ठाकरे ने आगे बताया कि कुछ विधायकों ने कहा कि भले ही उनके टिकट रद्द कर दिए गए हों, वे शिवसेना नहीं छोड़ेंगे. लेकिन अब वे चले गए हैं, उन्हें जाने दो. कई लोगों ने धन की कमी की शिकायत की. मैं समान रूप से धन आवंटित करने पर काम कर रहा हूं. शिवसेना दो बार सत्ता में आई और दोनों बार मैंने इन लोगों को महत्वपूर्ण पद दिए.

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उन्होंने कहा कि वह असली शिवसेना के उत्तराधिकारी हैं और पार्टी अभी भी उनके नियंत्रण में है. जितने विधायक चाहिए उतने ले लो. लेकिन जब तक बालासाहेब की ये जड़ें हैं, तब तक शिवसेना खत्म नहीं होगी. जो चले गए वो कभी मेरे नहीं थे. असली शिवसेना मेरे साथ है.

शिंदे का नाम लिए बिना उद्धव ने कहा कि उन्होंने सुनिश्चित किया कि विधायकों को महत्वपूर्ण मंत्रालयों का प्रभार दिया जाए. मैंने हमेशा उन्हें महत्वपूर्ण मंत्रालय दिए. शहरी विकास विभाग हमेशा मुख्यमंत्री के पास रहता है लेकिन मैंने उसे (शिंदे) दे दिया. मैंने महत्वहीन मंत्रालयों को अपने पास रखा. इस आरोप पर कि वह शिवसेना के अगले नेता के रूप में अपने बेटे आदित्य को थोपने की कोशिश कर रहे थे, उद्धव ने कहा कि शिंदे के बेटे श्रीकांत भी तो सांसद हैं.

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