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1710 करोड़ रुपयों की लागत से बन रहा पुल आंधी के झोंकों से हुवा ध्वस्त, मामले की जाँच शुरू

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सुल्तानगंज आगवानी गंगा घाट पर बन रहे पुल का सुपर स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त होने के मामले की जांच के लिए शनिवार को ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव पंकज पाल सुल्तानगंज पहुंचे। उनके साथ ही पटना से एनआईटी की टीम भी पहुंची। सचिव ने बताया कि मामले की जांच एनआईटी पटना की एक्सपर्ट टीम कर रही है। आईआईटी रुड़की के एचओडी डॉ भार्गव सहित देश के अन्य ब्रिज एक्सपोर्ट से बात हो रही है। देश में ब्रिज के एक्सपर्ट की एक टीम सोमवार को सुल्तानगंज पहुंच जाएगी। जांच के बाद यह पता चलेगा कि आखिर यह घटना कैसे हुई।

ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव ने कहा कि इस घटना के बाद भी निर्धारित समय पर पुल निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। दिसंबर में पुल के लोकार्पण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था हर हाल में दिसंबर में पुल निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इधर, बिहार इंजीनियरिंग सर्विस के प्रोजेक्ट इंजीनियर योगेंद्र राम के अनुसार 1710 करोड़ की लागत से बनने वाले सुल्तानगंज-आगवानी पुल सिग्मेंटल ब्रिज है। डेनमार्क के ऑथिरिटी इंजीनियर की देखरेख में इस पुल का निर्माण एसपी सिंगला कर रहा है।

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प्रोजेक्ट इंजीनियर का कहना है कि दरअसल, पुल के 4 से 5 और 5 से 6 सिग्मेंटल लैंथ में 27-27 सिग्मेंट का काम होना था। अबतक दोनों ही सिग्मेंटल में 19-19 सेगमेंट का ही काम हो पाया था। काम अधूरा रहने से स्पेन लटका हुआ था। इसलिए शुक्रवार की रात तेज आंधी के झोंके में सिग्मेंट ढह गया है। एक सिगमेंट की लागत डेढ़ से दो करोड़ रुपये होता है। कितने प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी इसके बारे में मौसम विभाग से यह भी पता लगाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी, पटना की पांच सदस्यीय टीम जांच कर रही है। दावा किया कि सिग्मेंट का काम पूरा होने पर यह समस्या खड़ी नहीं होती। साथ ही कहा कि पांच स्पेन का काम अब भी बाकी है और 47 सेगमेंट लगेंगे। इसके धराशायी होने के पीछे के कारणों का खुलासा एनआईटी की जांच रिपोर्ट में सामने आ जाएगी। कहा कि अब नए सिरे से स्पेन निर्माण का कार्य होगा। इसलिए अब जून-जुलाई में पुल चालू नहीं हो पाएगा। सबकुछ ठीक रहा तो इस साल के अंततक पुल निर्माण पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

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इधर, प्रोजेक्ट इंजीनियर द्वारा कही जा रही हवा के तेज झोंके से सेगमेंट के धराशायी होने की बात लोगों के गले नहीं उतर रहा है। लोगों का कहना है कि निर्माण में मानकों का पालन नहीं करने की वजह से यह हादसा हुआ है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। निर्माण में बड़े पैमाने पर घपले की आशंका जाहिर की जा रही है। बता दें कि कोसी नदी पर विजय घाट पुल का निर्माण भी एसपी सिंगला ही कराया है। निर्माण के दौरान इस पुल का भी यही हश्र हुआ था।

आगुआनी पुल निर्माण निगम, खगड़िया प्रमंडल के अधीन कराया जा रहा है। वर्ष 2014 में इस पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। वर्तमान में पुल निर्माण निगम, भागलपुर प्रमंडल के वरीय परियोजना अभियंता विजय कुमार इससे पहले खगड़िया प्रमंडल में इसी पद पर थे। ढाई-तीन साल तक इस पुल का निर्माण विजय कुमार की देखरेख में ही हुआ था। वहीं जिस समय विजय घाट पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था उस समय संजय कुमार सिंह, भागलपुर प्रमंडल के वरीय परियोजना अभियंता थे। वर्तमान में वे बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक के पद पर हैं। वे भी सुल्तानगंज घटनास्थल पहुंचकर मामले की जांच कर रहे हैं।

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सोर्स – jagran.com


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