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केजरीवाल सरकार ने फ्री राशन योजना को 6 महीने के लिए औऱ बढ़ाया, BJP ने कही ये बात…

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Free Ration Scheme : दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने बढ़ती महंगाई से जूझ रहे दिल्ली के गरीबों को बड़ी राहत दी है। केजरीवाल सरकार ने अपनी फ्री राशन योजना (Free Ration Scheme) अगले छह महीने के लिए बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही सीएम अरविंद केजरीवाल ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र की मुफ्त राशन योजना (Free Ration Scheme) को भी छह महीने के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया है। केंद्र द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत मुफ्त राशन वितरण को 30 नवंबर से आगे बढ़ाने से इनकार के बाद केजरीवाल सरकार ने यह निर्णय लिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी।

केजरीवाल ने आज ट्वीट कर कहा, ”महंगाई बहुत ज्यादा हो गई है। आम आदमी को दो वक्त की रोटी भी मुश्किल हो रही है। कोरोना की वजह से कई बेरोजगार हो गए प्रधानमंत्री जी, गरीबों को मुफ्त राशन देने की इस योजना को कृपया छः महीने और बढ़ाया जाए। दिल्ली सरकार अपनी फ्री राशन योजना छह महीने के लिए बढ़ा रही है। केजरीवाल ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ”गरीबों को मिल रही अपनी फ्री राशन योजना को दिल्ली सरकार छह महीने के लिए बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर मैंने आग्रह किया कि केंद्र सरकार भी अपनी राशन योजना छह महीने के लिए बढ़ा दें। लोग अभी बहुत मुसीबत में हैं। इस वक्त उनका हाथ छोड़ना ठीक नहीं होगा।

प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि केन्द्र सरकार और दिल्ली सरकार की फ्री राशन योजना (Free Ration Scheme)  से गरीबों को करोना काल में काफी राहत मिली है। दोनों सरकारों की यह योजना नवंबर में समाप्त हो रही है। देश में इस वक्त कमरतोड़ महंगाई है। एक आम आदमी को दो वक्त की रोटी मिलनी मुश्किल हो रही है। कोरोना काल में कई लोगों के रोजगार चले गए और उनके पास कमाई का कोई साधन नहीं है। मेरी प्रधानमंत्री से विनती है कि केंद्र सरकार लोगों को अतिरिक्त मुफ्त राशन देने की यह योजना छह महीने के लिए बढ़ा दें। दिल्ली सरकार अपनी फ्री राशन योजना छह महीने के लिए बढ़ा रही है।

दिल्ली समेत पूरे देश में कोरोना महामारी का दौर अभी भी जारी है। कोरोना से हर व्यक्ति प्रभावित हुआ है और इसके चलते बहुत से लोग बेरोजगार हो गए हैं। साथ ही, लोगों की आदमनी भी काफी कम हो गई है और लोग अभी इससे उबर नहीं पाए हैं। वहीं दूसरी तरफ, दिनों-दिन महंगाई बढ़ती जा रही है। खाद्य वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से मिल रहे मुफ्त राशन ने गरीबों को बड़ी राहत दी है। वहीं, केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से दिए जा रहे राशन को 30 नवंबर से आगे नहीं बढ़ाने का ऐलान किया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में गत 5 अक्टूबर 2021 को कैबिनेट की बैठक हुई थी। बैठक में कोविड-19 महामारी के जारी रहने तक गैर पीडीएस गरीब परिवारों, प्रवासी कामगारों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगे भी मुफ्त राशन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे कैबिनेट ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी। कोविड-19 की वजह से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। इससे पहले, 25 मई .2021 को केजरीवाल के नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट की बैठक में ऐसे जरूरतमंद लोगों को मुफ्त राशन (खाद्यान्न) देने का निर्णय लिया था।

एनएफएस अधिनियम 2013 के अंतर्गत निर्धारित पात्रता के अनुसार, प्रवासी श्रमिकों, असंगठित श्रमिकों, निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों, घरेलू सहायिका समेत जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन जरूरतमंद लोगों को 5 किलो खाद्यान्न मुफ्त दिया गया। जिसमें प्रति व्यक्ति प्रति माह 4 किलो गेहूं और एक किलो चावल शामिल है। उस दौरान कैबिनेट के इस फैसले से दिल्ली में रह रहे करीब 20 लाख लोग लाभांवित हुए थे। इसके अलावा, एनएफएसए के तहत नियमित आवंटन के तहत 72.78 लाख पीडीएस लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

वहीं, दिल्ली कैबिनेट के अक्टूबर माह में लिए गए निर्णय के बाद अब दिल्ली में रह रहे गैर पीडीएस गरीब लाभार्थियों की संख्या बढ़कर करीब 40 लाख हो गई है। दिल्ली कैबिनेट में दिल्ली में रह रहे इन 40 लाख गैर-पीडीएस लाभार्थियों को भी पीडीएस लाभार्थियों की तरह खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, प्रवासी श्रमिकों, असंगठित श्रमिकों, भवन और निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों, घरेलू सहायिकाओं सहित जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है, उन सभी जरूरतमंदों को राशन दिया जा रहा है।

बता दें कि, दिल्ली में 2000 से अधिक राशन की दुकानें हैं। दिल्ली में 17.77 लाख कार्ड धारक हैं और लगभग 72.78 लाख लाभार्थी हैं। दिल्ली सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) 2013 और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल उपकरणों के माध्यम से लाभार्थियों को मुफ्त राशन वितरित करती है। सरकार ने इस साल जुलाई से वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना के तहत राशन का वितरण भी शुरू कर दिया है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार का प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत मुफ्त राशन वितरण को 30 नवंबर से आगे बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार और ओएमएसएस नीति के तहत खुले बाजार में खाद्यान्न की अच्छी बिक्री को देखते हुए पीएमजीकेएवाई के जरिये मुफ्त राशन वितरण को नवंबर से आगे बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं है।

पीएमजीकेएवाई की घोषणा मार्च, 2020 में कोविड-19 के कारण उत्पन्न संकट को दूर करने के लिए की गई थी। प्रारंभ में, यह योजना अप्रैल-जून 2020 के तीन माह की अवधि के लिए शुरू की गई थी, लेकिन बाद में संकट के जारी रहने पर इस योजना का विस्तार पांच और माह (जुलाई-नवंबर 2020) तक के लिए किया गया था। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के शुरू होने पर पीएमजीकेएवाई को एक बार फिर से दो महीने (मई-जून 2021) के लिए लागू किया गया और बाद इसका पांच महीने (जुलाई-नवंबर 2021) तक विस्तार किया गया।

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सोर्स – livehindustan.com.  Free Ration Scheme


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