आजम खान की रिहाई पर ट्रोल हुवे अखिलेश यादव, बोले थे- झूठ के लम्हे होते हैं, सदियां नहीं…

आजम खान की रिहाई पर ट्रोल हुवे अखिलेश यादव, बोले थे- झूठ के लम्हे होते हैं, सदियां नहीं…
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समाजवादी पार्टी से नाखुश बताए जा रहे कद्दावर नेता आजम खान (Azam Khan) दो साल से ज्‍यादा समय बिताने के बाद शुक्रवार सुबह सीतापुर जेल से रिहा हो गए। उन्‍हें रिसीव करने प्रसपा अध्‍यक्ष शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) तो पहुंचे पर सपा का कोई बड़ा नेता नहीं नजर आया। हालांकि, सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने ट्वीट कर जेल से रिहा होने पर आजम खान का स्‍वागत किया है। उन्‍होंने भरोसा जताया कि आजम जल्‍द ही सभी झूठे मुकदमों से बरी हो जाएंगे। अखिलेश के इस ट्वीट पर लोगों ने जमकर मजे लिए हैं।

अपने ट्वीट में अखिलेश ने लिखा है- ‘सपा के वरिष्ठ नेता और विधायक आजम खान के जमानत पर रिहा होने पर उनका हार्दिक स्वागत है। जमानत के इस फैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने न्याय को नये मानक दिये हैं। पूरा ऐतबार है कि वो अन्य सभी झूठे मामलों-मुकदमों में बाइज्‍जत बरी होंगे। झूठ के लम्हे होते हैं, सदियां नहीं! अखिलेश के ट्वीट पर आर्यन यदुवंशी नाम के यूजर ने लिखा है- ‘श्रीमान जी हम आपसे पूर्ण रूप से सहमत है किन्तु आपसे एक उम्मीद थी जब माननीय आज़म खान साहब सरकारी यातना से मुक्त होंगे और जेल से बाहर आएंगे तो आप पहले व्यक्ति होंगे जो खान साहब का स्वागत करेगा परंतु आपको राजनीति भी एसी कमरे से करनी है कम से कम नेताजी की विरासत को सही रूप से बढ़ाओ।

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काजी हम्‍माद ने लिखा है- ‘आप भी अब आराम करना अध्यक्ष जी। आपने जो संघर्ष किया सड़कों पर, उसकी थकावट अभी नहीं गई होंगी और पूरा देश और प्रदेश आपका शुक्रिया अदा करता है कि आपने अपनी पार्टी के वरिष्‍ठ नेता और वो नेता जिसने आपके लिए और आपकी पार्टी के लिए इतना किया तो आपका इतना करना जरूरी था। एक अन्‍य यूजर ने लिखा- ‘आजम खान साहब को लेने शिवपाल यादव सीतापुर जेल पहुंच गए, पर आप AC मे बैठ कर ट्वीट कर रहे है। आजम खान साहब से उनके घर मिल कर आइये वरना अपनी राजनीति खत्म ही समझिये।

गौरतलब है कि सीतापुर जेल में रहते हुए आजम खान से मिलने शिवपाल यादव, जयंत चौधरी, प्रमोद कृष्‍णम समेत तमाम नेता पहुंचे थे। नाराजगी की खबरों के बीच अखिलेश यादव ने लखनऊ से एसपी विधायक रविदास मेहरोत्रा को आजम खान को मनाने सीतापुर जेल भेजा था लेकिन आजम खान ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया था। बाद में इसके लिए रविदास मेहरोत्रा ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाए। हत्या की साजिश की आशंका जताई। इस बाबत कई बार अखिलेश यादव मीडिया से कह चुके हैं कि उनके और आजम खान के बीच सामान्‍य रिश्‍ते हैं और किसी तरह की नाराजगी नहीं है। उनकी लगातार आजम खान के वकील से बातचीत होती रहती है।

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दरअसल पिछले महीने अप्रैल में आजम खान के मीडिया प्रभारी फसाहत अली शानू ने अखिलेश यादव पर कई बड़े आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश ने कहा कि वह कोरोना का टीका नहीं लगवाएंगे तो आज़म खान ने जेल में कोरोना का टीका नहीं लगवाया। नतीजा ये हुआ कि वो मौत के मुंह में जाते-जाते बचे।

फसाहत अली शानू यहीं नहीं रुके। उन्‍होंने कहा था- ‘हम किससे कहें, हमारी तो समाजवादी पार्टी भी नहीं है, जिसके लिए हमने अपना खून का एक-एक कतरा बहा दिया था। अखिलेश यादव जी हमारा सलूक आपके साथ ये था कि जब 1989 में अपने वाजिद साहब को कोई सीएम बनाने को तैयार नहीं था, तब आज़म खान ने कहा था कि मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री बनाओ। हमारा कुसूर ये था कि आपके वालिद मुलायम सिंह को राफीकुक मुल्क का ख़िताब दिया था। कन्नौज में जब आप चुनाव लड़े तो आज़म खान ने कहा था कि टीपू को सुल्तान बना दो और जनता ने आपको सुल्तान बना दिया।

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सोर्स – navbharattimes.indiatimes.com


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