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12वीं की छात्रा को जिंदा जलाने पर सुलगा झारखंड, फोन पर बात करने से किया था इनकार

20220829 115120 min
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पांच दिन तक जिंदगी की जंग लड़ रही दुमका की अंकिता आखिरकार हार गई. रांची के रिम्स में आज सुबह उसकी मौत हो गई. उसकी मौत की खबर दुमका पहुंचते ही आक्रोशित लोग सड़क पर निकल आये और दुमका टॉवर चौक जाम कर अंकिता को न्याय दिलाने की मांग करने लगे. अंकिता के घर पर प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे. दरअसल, दुमका के नगर थाना क्षेत्र के जरूवाडीह मोहल्ले के रहने वाले शाहरुख ने अंकिता पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था. शाहरुख ने अंकिता के साथ यह खौफनाक वारदात इसलिए की थी, क्योंकि उसने फ़ोन पर उससे बात करने से इनकार कर दिया था. बुरी तरह से जली अंकिता को दुमका मेडिकल कॉलेज के बाद रांची रिम्स रेफर कर दिया गया था.

कड़ी सुरक्षा के बीच अंकिता की अर्थी को घर से निकाला गया. बेतिया घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा. बड़ी संख्या में दुमका के लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए. शहर का माहौल ना बिगड़े इसके लिए पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, हालांकि इसके बारे में पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है.

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अंकिता को जलाने की घटना 23 अगस्त को सुबह चार बजे घटी थी. घर में उस वक्त अंकिता के दादा-दादी, उसके पिता और उसका छोटा भाई मौजूद था. जब तक अंकिता नींद से उठती, तब तक आग के लपेटों से वह घिर चुकी थी. उसने किसी तरह कमरे का दरवाजा खोला और आंगन में रखे पानी से भरे बाल्टी को अपने ऊपर उड़ेला. लेकिन फिर भी अंकिता जल रही थी. चीख-पुकार सुनकर दादा-दादी और पिता जग गए. कम्बल लपेटकर आग बुझाया और बुरी तरह जली अंकित को दुमका मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती कराया. मामले के संज्ञान आते ही नगर थाना पुलिस ने आरोपी शाहरुख़ को गिरफ्तार कर लिया और पीड़िता का बयान दर्ज किया.

अंकिता के घरवालों ने बताया था कि शाहरुख ने कहीं से अंकिता का फोन नंबर जुगाड़ कर लिया था और बराबर उसे फोन कर दोस्ती करने और अपनी बात मनवाने का दबाव डालता था, लेकिन अंकिता उसे मना करती, शाहरुख ने धमकी दी थी कि अगर मेरा कहा नहीं मानोगे तो मैं तुम्हें जिंदा नहीं छोडूंगा और उसके बाद ही इस तरह की घटना घटी.

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12वीं में पढ़ रही अंकिता कि बूढ़ी दादी ने आरोपी को तुरंत फांसी पर चढ़ाने की बात कही है. दादी ने कहा कि आरोपी को फांसी की सजा दी जाए, जिसने मेरी पोती की जान ली है, मैं काफी बूढ़ी हो गई हूं, हम कब मर जाए कोई ठिकाना नहीं है, इसलिए हत्यारे को जल्द फांसी की सजा दी जाए ताकि मेरी आत्मा को शांति मिले. वहीं अंकिता के दादा ने अपनी पोती के बारे में बताते हुए कहा कि घर की हालात को देखते हुए वह कुछ काम करना चाहती थी, वह अपने जान पहचान वालों से नौकरी मांगती थी ताकि घर की माली हालत को दुरुस्त कर सके, वह ग्रेजुएशन कर टीचर बनने की इच्छा रखती थी, लेकिन उसके सारे ख्वाब को उस अपराधी ने खत्म कर दिया.

अंकिता की मौत के बाद अधिकारियों का कहना है कि हम इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर जाएंगे. एसपी ने कहा कि इस संबंध में जितना ठोस साक्ष्य मिला है और डाईंग डिक्लेरेशन में पीड़िता ने जो भी बताया है, उसके आधार पर आरोपी को कैपिटल पनिशमेंट जैसे फांसी की सजा दिलाना ही हमारा मकसद रहेगा.

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