India

सहारनपुर हिंसा: थाने में पीटे गए लड़कों के खिलाफ नहीं मिले सबूत, कोर्ट ने रिहा किया

20220705 102601 min
आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-

पिछले महीने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक थाने में कुछ कैदियों की पिटाई का वीडियो खूब वायरल (Video Viral) हुआ था. मामला जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा से जुड़ा था. वीडियो में पुलिस दंगे के आरोप में गिरफ्तार किए गए कुछ लड़कों को पीट रही थी. बाद में उन्हें जेल भी भेजा गया था. अब खबर आ रही है कि ये लड़के निर्दोष पाए गए हैं. उन्हें रिहा भी कर दिया गया है.

बीजेपी से निलंबित नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद के बारे में विवादित बयान को लेकर बीती 10 जून को सहारनपुर में हिंसा भड़क गई थी. उस दौरान पुलिस ने जल्दबाजी में कई गिरफ्तारियां की थीं. संदेह के आधार पर बहुत से लड़कों को गिरफ्तार कर उपद्रव मचाने के आरोप में जेल भेज दिया गया था. खबरों के मुताबिक सहारनपुर में वकीलों का एक पैनल इन सब की तरफ से मुकदमा लड़ रहा है. इनमें से एक मोहम्मद अली ने बताया कि कुछ आरोपी युवकों के परिवारों ने उनकी बेगुनाही के सबूत दिए थे, जिन्हें कोर्ट ने सही पाया.

ये भी पढ़ें -: नूपुर शर्मा पर टिप्पणी करने वाले जज बोले- जजों पर निजी हमले ठीक नहीं, संसद को इस पर…

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक इन्हीं सबूतों की जांच के बाद कोर्ट ने 8 आरोपियों को बेगुनाह करार दिया है. उन्हें CrPC-169 के तहत क्लीन चिट दे दी गई है. रविवार, 3 जुलाई की सुबह इन लड़कों को जेल से रिहा भी कर दिया गया. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने अभियुक्त अली, आसिफ़, मोहम्मी, गुलफ़ाम, मेहराज, फुरक़ान, सुभान और अब्दुस समद को 50-50 हज़ार रुपये के बॉन्ड पर रिहा किया है. साथ ही कहा है कि अदालत को जब भी जरूरत होगी तो वे उसके सामने पेश होंगे.

सहारनपुर का ये मामला उस वायरल वीडियो की वजह से भी चर्चा में आया था जिसमें पुलिस इन लड़कों को पीटती दिखाई दी थी. हिंसा के अगले दिन यानी 11 जून को देवरिया से भाजपा विधायक शलभ त्रिपाठी ने ये वीडियो शेयर किया था. कैप्शन में उन्होंने लिखा था, ‘रिटर्न गिफ्ट.

ये भी पढ़ें -: मोहम्मद आरिफ खान बोले- जो शरीयत में विश्वास करते हैं, वह उस देश में चले जाएं जहां यह लागू है

उधर सहारनपुर पुलिस ने साफ इनकार कर दिया कि ये वीडियो उसके थाने का था. हालांकि जब थाने में पिटाई वाले वीडियो को सहारनपुर पुलिस द्वारा जारी किए गए एक वीडियो से मिलाया गया, तो दोनों में कई युवक एक जैसे दिखाई दिए. इस वीडियो में कई युवकों को जेल भेजते दिखाया गया था. इससे यह साबित हुआ था कि पिटाई वाला वीडियो सहारनपुर के सिटी कोतवाली का ही है.

अब इन्हीं में से वे युवक रिहा कर दिए गए हैं जिनकी थाने में पिटाई की गई थी. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक अभियुक्तों के वकील वसीम बाबर का दावा है, रिहा होने वालों में से चार ऐसे हैं जो उस वायरल वीडियो में नज़र आ रहे हैं. एक अली है, एक मेहराज है, एक सुभान है और अब्दुल समद है.

ये भी पढ़ें -: न्यूज एंकर बोले- दिग्विजय सिंह के पिता सावरकर को हीरो मानते थे, दिग्विजय बोले- झूठों के बादशाह…

ये भी पढ़ें -: जिस विधायक ने रो-रोकर उद्धव ठाकरे के लिए समर्थन मांगा, वह भी शिंदे गुट में हुवा शामिल


आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-