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श्रद्धा की ह’त्या पर हुवे सनस’नीखेज खुलासे, सुनकर ही रूह कांप जाए

20221115 145400 min
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प्यार, धोखा, मर्डर… मुंबई के वसई में एक लड़का और लड़की मिले, प्यार परवान चढ़ा और फिर उसका दर्दनाक अंत हो गया। 6 महीने तक फूड ब्लॉगर आफताब अमीन पूनावाला ने खून से सने अपने हाथ को छिपाने की कोशिश की। उसने बाथरूम में अपनी ही गर्लफ्रेंड के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। पुलिस ने बताया है कि किसी को शक न हो इसलिए उसने जून तक के अपने क्रेडिट कार्ड बिल जमा कर दिए थे। केमिकल से उसने कमरे और रेफ्रिजरेटर को साफ किया था, जिससे किसी को पता न चल सके कि उसने फ्रीज में श्रद्धा के शव के टुकड़े रखे थे। फिल्मी कहानी से सीखकर मर्डर करने वाले आफताब ने गूगल की मदद से बड़ी चालाकी से सबूत मिटाए थे। उसने कई दिनों तक शव के टुकड़े सुरक्षित रखने के लिए फार्मल्डिहाइड का इस्तेमाल किया था। ऐसी ही कई सनसनीखेज बातें पता चल रही हैं जो ये बताती हैं कि आफताब ने कितना सोच-समझकर इस वारदात को अंजाम दिया था।

पेशे से शेफ आफताब खुद को फूड ब्लॉगर बताता था। उसे खाने से संबंधित वीडियो पसंद थे। वह खबरें भी वही पढ़ता था। ऐसा ही एक पोस्ट उसने छह साल पहले फेसबुक पर किया था जिसमें सब्जी और फल को काटने में माहिर बनने के टिप्स दिए गए थे। उसने कुछ तस्वीरें भी रेस्तरां में ली गई थीं। सब्जी काटने का हुनर सीखने वाले आफताब ने कैसे अपनी गर्लफ्रेंड के ही टुकड़े कर दिए, अब ये सब बातें देश को हैरान कर रही हैं। अब पुलिस उसे लेकर जंगल में श्रद्धा के शव के टुकड़े ढूंढ रही है, जिसे उसने कई महीने पहले फेंका था। आफताब ने कई दिनों तक आधी रात को घूम-घूमकर जंगल या हरियाली वाली जगहों पर शवों के टुकड़े फेंके थे। वह शेफ था और बाद में फोटोग्राफर भी बन गया था और उसके बाद फूड व्लॉगिग का चस्का लग गया था।

आफताब ने पुलिस की पूछताछ में बताया है कि अपनी लिव-इन पार्टनर का गला घोंटना आसान था लेकिन उसकी लाश को ठिकाने लगाना मुश्किल था। उसे लगा कि सबसे अच्छा यही होगा कि शव के टुकड़े कर दिए जाएं जिससे उसे फेंकना आसान हो। ऐसे में उसने इंटरनेट की मदद ली। उसके पसंदीदा टीवी शो ‘डेक्स्टर’ ने इस प्लान में उसकी मदद की। उसने पहले 300 लीटर का रेफ्रिजरेटर खरीदा।

कुछ साल पहले 28 साल के पूनावाला ने शेफ के तौर पर ट्रेनिंग ली थी। ऐसे में उसे पता कि आगे क्या करना है। फ्रीज के साथ उसने मांस काटने वाला गड़ासा भी खरीदा था। इसके बाद उसने वो किया जिसके बारे में पढ़कर ही लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। उसने श्रद्धा की बॉडी के छोटे-छोटे टुकड़े कर डाले। उसने बताया कि यह काम इतना आसान नहीं था इसलिए उसने शराब पी और छींटे न पड़े इसके लिए चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। दर्जनों बोतल परफ्यूम और अगरबत्ती जलाई जिससे चारों तरफ खुशबू बनी रहे।

जब से यह खबर मीडिया में आई है छतरपुर पहाड़ी की गली नंबर 1 के रहने वाले लोग यह सोचकर हैरान हैं कि कभी उस लड़के के चेहरे पर तनाव के भाव नहीं दिखे। उसने 10 हजार रुपये महीने पर हाउस नंबर 93/1 में किराए पर कमरा लिया था। किसी ने भी उसे हैरान-परेशान नहीं देखा। पड़ोस में रहने वाली कुसुम लता ने बताया, ‘वह एक सामान्य व्यक्ति की तरह बर्ताव करता था और हमेशा उसके चेहरे पर शांति का भाव दिखता था।’ वह इस फ्लैट में 15 मई को ही आया था और तीन दिन बाद उसने वाकर की हत्या कर दी थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि पूनावाला आमतौर पर खाने की डिलिवरी लेने और किराने का सामान लेने के लिए ही बाहर निकलता था।

आसपास के कुछ लोगों ने आफताब को देर रात बाहर देखा था तो उन्हें लगा कि वह ड्यूटी पर जा रहा है। 66 साल के प्रेम ने हमारे सहयोगी अखबार TOI को बताया कि उन्होंने गर्मियों में उन्होंने किलर के फ्लैट से शोर सुना था लेकिन झगड़े के बाद तेज आवाज में म्यूजिक सुनाई देने लगा। घरवाले बताते हैं कि श्रद्धा इस रिलेशनशिप से खुश नहीं थी क्योंकि आफताब मानसिक रूप से उसे प्रताड़ित करता था और कई बार पीटा भी था। लेकिन उसने रिलेशनशिप जारी रखा क्योंकि आफताब इमोशनली ब्लैकमेल करता था। उसने यह भी कह दिया था कि अगर वह उसे छोड़ देगी तो वह आत्महत्या कर लेगा।

श्रद्धा की हत्या करने के बाद आफताब ने खून साफ करने का तरीका गूगल पर ढूंढा था। फिल्म से प्रेरित होने के बाद भी उसने बॉडी को काटने के लिए गूगल किया था। एसिड से फर्श को साफ करने के बाद डीएनए हटाने के लिए भी आफताब ने गंभीरता से काम किया था। श्रद्धा के दोस्त रजत शुक्ला ने बताया कि 2019 के बाद श्रद्धा काफी रिजर्व रहने लगी थी। मां की मौत हो चुकी थी और श्रद्धा पिता से बात नहीं करती थी, आफताब ने इसका फायदा उठाया। प्यार के बाद इस तरह के जघन्य अपराध से यह सवाल खड़ा होता है। रजत ने कहा कि अपनी पसंद से श्रद्धा ने परिवार से नाता तोड़ लिया था। वह बाद में जब परेशान लगने लगी तो शायद वह उधेड़बुन में ही रह गई कि वह अब क्या करे क्योंकि सबसे नाता तोड़कर उसने आफताब पर भरोसा किया था। लेकिन वह उसे प्रताड़ित करने लगा था।

दोनों वसई में रहते थे। आफताब भी एक कॉल सेंटर में काम करता था और बाद में आईटी कंपनी में काम करने लगा। अक्टूबर 2019 में कपल ने लिव-इन में रहने का फैसला किया। परिवारवाले इसके खिलाफ थे। श्रद्धा एक बार 2020 की शुरुआत में अपने घर गई थी, जब उसकी मां की मौत हो गई थी। उसी साल उसने अपने दोस्तों को बताया था कि आफताब उसे पीटता है और वह पुलिस में शिकायत करेगी। लेकिन वह दिन नहीं आया।

फिलहाल दिल्ली पुलिस जंगलों की खाक छान रही है। श्रद्धा की लाश के कई हिस्से अभी मिलने बाकी हैं। उसका सर अभी तक नहीं मिला है। महरौली पुलिस को मात्र 5 दिन की रिमांड मिली है, जिनमें से 1 दिन कल समाप्त हो गया। बाकी बचे 4 दिनों में मृतका के सिर के अलावा बॉडी के दूसरे पार्ट और जिस धारदार हथियार से उसके बॉडी को काटा गया था, उसकी बरामदगी पुलिस के लिए काफी महत्वपूर्ण है। साउथ डिस्ट्रिक्ट के एडिशनल डीसीपी अंकित चौहान ने बताया कि जो फॉरेंसिक एविडेंस इकट्ठा करना था वह किया जा चुका है। अब पुलिस डिजिटल एविडेंस को ज्यादा से ज्यादा इकट्ठा करने में लगी हुई है। लगभग 12-13 पार्ट मिल चुके हैं और आगे बरामदगी की कोशिश में पुलिस की टीम लगी हुई है।

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