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शामली के जिया मोहम्मद की कहानी- दिल्ली में ₹450 महीने की नौकरी से दो करोड़ टर्नओवर वाली कंपनी…

20221118 124737 min
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली के रहने वाले जिया मोहम्मद दिल्ली के लिए चले तो उनके मन में कोई बड़ा सपना नहीं था. किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले जिया मोहम्मद के लिए दिल्ली में सर्वाइकल के लिए कोई नौकरी मिल जाना काफी था. कुछ दिनों तक स्ट्रगल करने और छोटी-मोटी नौकरी करने के बाद उन्हें रेलवे के लिए कंपोनेंट बनाने वाले एक वर्कशॉप में साल 1993 में ₹450 महीने के वेतन पर नौकरी मिल गई.

उनके लिए यह बहुत बड़ी सफलता थी. करीब 3 साल तक नौकरी के दौरान जिया मोहम्मद ने तन मन से काम किया. वह कंपोनेंट बनाने वाली उस फैक्ट्री में हेल्पर के तौर पर रखे गए थे, लेकिन उन्होंने किसी काम में शर्म महसूस नहीं की. करीब 3 साल के बाद उस फैक्ट्री के एक इंजीनियर ने उनसे कहा कि तुम कब तक ऐसे ही काम करते रहोगे? उन्होंने जबाव कि सर जब तक नौकरी चल रही है, तब तक. उस इंजीनियर ने कहा कि तुम अपना काम क्यों नहीं शुरू करते?

जिया मोहम्मद ने कहा कि सर मुझे इस काम का कोई आइडिया नहीं है और मेरे पास पूंजी भी नहीं है. इसके बाद उस इंजीनियर ने जिया मोहम्मद को पूंजी उपलब्ध कराने और उसी प्लांट से ऑर्डर देने का भरोसा दिया.

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जिया मोहम्मद ने अपनी जमा पूंजी लगाकर गाजियाबाद की ट्रोनिका सिटी में एक फैक्ट्री लगाई और वहां कंपोनेंट बनाने लगे. काफी दिनों तक उस कंपनी के लिए कंपोनेंट बनाते रहने के बाद आर्डर मिलना बंद हो गया.

इसके बाद जिया मोहम्मद ने कुछ अन्य कंपनियों से संपर्क किया और उनसे आर्डर लेने की कोशिश की. इस समय जिया मोहम्मद मारुति और महिंद्रा समेत कई कंपनियों के इंजन के पार्ट्स बनाते हैं. अलग-अलग कंपनियों के इंजन के पार्ट्स बनाकर इन कंपनियों को सप्लाई करते हैं. जिया मोहम्मद की कंपनी जे एम इंजीनियरिंग वर्क्स दो करोड़ रुपए के टर्नओवर को पार कर गई है. इस समय जिया मोहम्मद की फैक्ट्री में ऑटोमेटिक मशीनें लगी है और इनसे वे अपना काम कर रहे हैं.

ट्रोनिका सिटी में मौजूद जिया मोहम्मद इंजीनियरिंग वर्क्स टूल मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग जॉब वर्क, मशीन टूल्स मैन्युफैक्चरिंग और इंजन इक्विपमेंट बनाने वाली प्रमुख कंपनी है. साल 1998 में बनी यह कंपनी टूल मैन्युफैक्चरिंग के मामले में दिल्ली एनसीआर की बड़ी कंपनियों में से एक है.

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