India

मोहम्मद जुबैर को सुप्रीम कोर्ट से राहत, यूपी में दर्ज सभी FIR में कार्रवाई नहीं करने के दिए आदेश

20220718 193820 min
आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-

Mohammad Zubair Case: ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई. मोहम्मद जुबैर को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है. याचिका में उन्होंने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में उनके खिलाफ दर्ज सभी 6 प्राथमिकी को रद्द करने की, उनको अंतरिम जमानत देने की मांग की और एसआईटी के गठन को भी चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट अब 20 जुलाई को मोहम्मद जुबैर की याचिका पर सुनवाई करेगी.

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इस बीच उत्तर प्रदेश में दर्ज सभी एफआईआर में जुबैर के खिलाफ कोई प्रारंभिक कार्रवाई नहीं की जाएगी. कोर्ट ने कहा कि हम अंतरिम जमानत का मसला परसों सुनेंगे. इस बीच कोई भी कोर्ट जल्दबाजी में कोई आदेश न दे.

ये भी पढ़ें -: लखीमपुर खीरी में स्कूल बंद कर कांवड़ियों की सेवा करने का आदेश, बढ़ते विवाद के बाद BSA ने कही ये बात…

याचिकाकर्ता को दिल्ली की कोर्ट से 15 जुलाई को नियमित जमानत मिली है. बाकी में भी अंतरिम जमानत की मांग की गई है. सॉलिसीटर जनरल परसों मामले में पेश हों और कोर्ट की सहायता करें. सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद जुबैर की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है. जिसमें जुबैर ने अंतरिम जमानत सहित उत्तर प्रदेश में उनके खिलाफ दर्ज सभी छह एफआईआर को रद्द करने की मांग की है और एसआईटी के गठन को भी चुनौती दी है.

कोर्ट में सुनवाई के दौरान मोहम्मद जुबैर की वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा कि लोग इनाम पाने के लिए एफआईआर दर्ज करवा रहे हैं. जुबैर को धमकी दी जा रही है. 5 जिलों में कुल 6 एफआईआर दर्ज किए गए हैं.

ये भी पढ़ें -: नवीन जिंदल का दावा- जिहादियों ने हमला किया, दिल्ली पुलिस ने दावे को बताया ग़लत

एक मामले में सुनवाई पूरी होती है, तो दूसरे में हिरासत में ले लिया जाता है. इस पर सॉलिसीटर जनरल ने कहा कि आज ही सुनवाई की जरूरत नहीं हैं, कल सुनें. आज हाथरस कोर्ट में सुनवाई है. अगर सुप्रीम कोर्ट ठीक समझे तो उसे बदल सकता है.

इसके बाद जज ने मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) की वकील से पूछा कि आप आज क्या चाहती हैं? जिस पर वृंदा ग्रोवर ने कहा कि मैं चाहती हूं कि उन्हें सभी मामलों में अंतरिम जमानत दे दी जाए. इस पर जज ने कहा कि आज मामला बोर्ड पर नहीं है. सिर्फ हमारे अनुरोध पर दूसरे मामले के लिए कोर्ट में मौजूद सॉलिसीटर जनरल सहयोग कर रहे हैं. हम नोटिस जारी कर देते हैं. कल या परसों सुनवाई कर ली जाएगी.

ये भी पढ़ें -: BJP का 57 साल पुराना ‘किला’ ढहा, क्या अपनों ने बिगाड़ दिया सिंधिया का गणित?

ये भी पढ़ें -: 500 का छुट्टा कराना था, मजबूरी में खरीदा लॉटरी टिकट, मिल गया इतने करोड़ का इनाम…


आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-