India

भड़’काऊ भाषणों पर सुप्रीम कोर्ट की पुलिस को फटकार, कहा- एक्शन नहीं लिया तो…

20221022 142002 min
आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हेट स्पीच (Hate Speech) पर रोक लगाने को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. कोर्ट ने कहा कि ‘अगर अलग-अलग धार्मिक समुदाय शांति के साथ नहीं रहते हैं तो देश में भाईचारा खत्म हो जाएगा.’ इसे लेकर न्यायालय ने कुछ अंतरिम दिशानिर्देश जारी किए हैं.लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस केएम जोसेफ और ऋषिकेश रॉय की पीठ ने दिल्ली सरकार, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर कहा कि वे रिपोर्ट सबमिट कर बताएं कि उन्होंने हेट स्पीच अपराधों को लेकर क्या कार्रवाई की है.

खास बात ये है कि न्यायालय ने राज्य सरकारों को कहा कि अगर कहीं भी हेट स्पीच या हेट क्राइम का मामला सामने आता है, तो पुलिस उसकी शिकायत दर्ज होने का इंतजार ना करे, बल्कि स्वत: संज्ञान लेकर मामला दर्ज करे और आरोपियों के खिलाफ उपयुक्त कदम उठाए.

कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों पर कार्रवाई करते वक्त नफरती भाषण देने वाले शख्स के धर्म पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हेट स्पीच देने वाला व्यक्ति किसी भी धर्म का हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए. सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर इन निर्देशों का पालन नहीं होता है, तो इसे अदालत की अवमानना के रूप में देखा जाएगा.

ये भी पढ़ें -: आयुष्मान कार्ड में फ’र्जीवाड़ा, अस्पताल पहुंचते ही पता चली ये बात…

जस्टिस केएम जोसेफ और ऋषिकेश रॉय की पीठ ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश जारी किया है, जिसमें ‘भारत में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बढ़ते नफरती मामलों’ पर जल्द से जल्द रोक लगाने की मांग की गई थी. कोर्ट ने कहा कि ये एक बेहद गंभीर मामला है कि शिकायत के बावजूद प्रशासन हेट स्पीच के मामलों में कार्रवाई नहीं कर रहा है. पीठ ने कहा,

‘हमारा मानना है कि कोर्ट की ये जिम्मेदारी है कि वो लोगों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करे. साथ ही देश के धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रित चरित्र और कानून के शासन के संबंध में संवैधानिक मूल्यों को बचाए.

याचिकाकर्ता शाहीन अब्दुल्ला की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए. उन्होंने कोर्ट को बताया कि BJP सांसद परवेश वर्मा ने हेट स्पीच देकर मुसलमानों का आर्थिक बहिष्कार करने की बात कही. सिब्बल ने कहा – ‘हमने कई शिकायतें दायर की हैं. कोर्ट या प्रशासन कभी भी कार्रवाई नहीं करते हैं और वे बस स्टेटस रिपोर्ट ही मांगते रह जाते हैं. ये लोग लगातार नफरती भाषण दिए जा रहे हैं.

कपिल सिब्बल ने ये भी मांग की थी कि इस तरह के अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ UAPA के तहत मामला चलाया जाना चाहिए. हालांकि, इसे लेकर कोर्ट ने संदेह व्यक्त किया. जस्टिस जोसेफ ने सिब्बल से पूछा कि क्या मुसलमान भी हेट स्पीच दे रहे हैं? इस पर सिब्बल ने जवाब दिया कि हेट स्पीच देने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें -: फर्जी सर्टिफिकेट केस में गिरफ्तार हो सकती हैं नवनीत राणा, खतरे में संसद सदस्यता

ये भी पढ़ें -: शिवराज पाटिल बोले- कृष्ण ने अर्जुन को जिहाद सिखाया, कुरान, गीता और बाइबिल में ईश्वर का कोई रूप नहीं…


आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-