India

ब्लू टिक बना समस्‍या: पेप्‍सी के फर्जी अकाउंट से किया ट्वीट-बेहतर है कोक, यूजर्स की बढ़ी चिंता

20221113 085442 min
आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-

सुप्रसिद्ध कंपनियों के फर्जी अकाउंट (Fake Account) बनाने वाले यूजर्स के मुद्दे से निपटने के लिए टि्वटर (Twitter) इंक ने इस सप्‍ताह की शुरुआत में शुरू किए गए अपने 8 डॉलर के सदस्‍यता कार्यक्रम को बंद कर दिया है. हालांकि इस कार्रवाई के बावजूद फर्जी अकाउंट मौजूद हैं और सुप्रसिद्ध ब्रांडों के लिए समस्‍या बने हुए हैं.

हाल ही में सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड पेप्सी (Pepsi) के नाम से बने एक फर्जी ट्विटर अकाउंट ने एक ट्वीट किया है और इसमें लिखा, ‘कोक बेहतर है’. पेप्‍सी के फर्जी अकाउंट से हुई इस पोस्‍ट ने इंटरनेट यूजर्स को हैरान कर दिया है क्योंकि यह ट्वीट एक वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट द्वारा पोस्ट किया गया था.

हालांकि, इस हैंडल की बारीकी से जांच करने पर पता चलता है कि इस अकाउंट का वैध मालिक पेप्‍सी नहीं बल्कि PEPICO है. यह फर्जी अकाउंट तुरंत बंद कर दिया गया.

ये भी पढ़ें -: जोस बटलर ने सूर्यकुमार को चुना ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’, बाबर आजम की नजर में कौन?

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब ट्विटर और प्रमुख ब्रांडों को इस कठिनाई का सामना करना पड़ा है. ट्विटर ने जब से भुगतान करने वाले यूजर्स को वेरिफाइड ब्लू चेक मार्क प्राप्त करने की अनुमति दी है, तब से कंपनी इस तरह के फर्जी खातों से जूझ रही है.

निंटेंडो इंक होने का दावा करने वाले एक अकाउंट ने सुपर मारियो की एक तस्‍वीर पोस्‍ट की थी, वहीं एक अन्य ने दिग्‍गज फार्मा कंपनी एली लिली एंड कंपनी के रूप में ट्वीट किया कि इंसुलिन अब फ्री है, जिसके बाद कंपनी को माफी जारी करने के लिए मजबूर होना पड़ा. वहीं एक फर्जी Tesla Inc अकाउंट ने कार निर्माता के सुरक्षा रिकॉर्ड का मजाक उड़ाया है. यहां पर कुछ ऐसे उदाहरण पेश हैं कि कैसे इन फर्जी अकाउंट ने सदस्यता सेवा का दुरुपयोग किया.

हालाँकि समस्या अभी भी मौजूद है. इसलिए कंपनी ने इससे निपटने के लिए अकाउंट सस्‍पेंड करने का कठोर कदम उठाया है. @PEPICO खाते को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही कंपनियों, राजनीतिक दलों या आंकड़ों को पेश करने वाले किसी भी अन्य फर्जी हैंडल को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा.

ये भी पढ़ें -: अमित शाह के साथ MS Dhoni ने मिलाया हाथ तो तस्वीर हुवी वायरल, लग रहे है तरह-तरह के कयास

ये भी पढ़ें -: उत्तराखंड प्रशासन ने पतंजलि की पांच दवाओं और उनके विज्ञापनों पर रोक लगाई, जानें पूरा मामला…


आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-