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बुलडोजर वाले प्रयागराज प्राधिकरण के पास खुद की बिल्डिंग का नक्शा नहीं, कोर्ट में पोल खुली

20220722 171739 min
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साल 1965 में मशहूर निर्देशक यश चोपड़ा की एक फिल्म आई थी- ‘वक्त’. इसमें जाने-माने एक्टर राजकुमार का एक डॉयलॉग बहुत चर्चित है- ‘चिनॉय सेठ, जिनके घर शीशे के बने होते हैं वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते हैं.

तात्पर्य ये है कि जब खुद कोई आरोपों से घिरा हो तो उसे दूसरों के ऊपर उंगली नहीं उठानी चाहिए. कुछ ऐसी ही स्थिति प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) की दिख रही है. पिछले महीने पैगंबर मोहम्मद के अपमान के खिलाफ हुए आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों का घर गिराने को लेकर यह चर्चा में आया था. प्राधिकरण ने दावा किया था कि उसने स्थानीय कार्यकर्ता मोहम्मद जावेद का दो मंजिला घर इसलिए गिरा दिया क्योंकि उन्होंने जरूरी मंजूरी प्राप्त नहीं की थी.

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अब खबर आई है कि खुद प्रयागराज विकास प्राधिकरण की बिल्डिंग का ही नक्शा गायब हो गया है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राजेश कुमार बिंदल की अगुवाई वाली पीठ अतिक्रमण संबंधी एक मामले की सुनवाई कर रही थी. इसी दौरान उन्होंने पीडीए से कहा कि पीडीए अपनी बिल्डिंग का नक्शा पेश करे. लेकिन पीडीए अपने भवन का नक्शा कोर्ट में पेश नहीं कर पाया.

इसे लेकर प्राधिकरण के वकील ने दलील दी कि नक्शा अभी नहीं मिला है और उसे खोजा जा रहा है. जब वकील ने नक्शा खोज कर उसे पेश करने का समय मांगा तो कोर्ट नाराज हो गया और प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई. पीठ ने सीधे पीडीए के चेयरमैन को तलब कर जवाब दाखिल करने को कहा. अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 अगस्त को होगी.

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गौरतलब है कि मोहम्मद रशीद नामक एक व्यक्ति ने एक जनहित याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने इंदिरा भवन कार्यालय के नीचे दुकानों के अतिक्रमण, पोडियम, बरामदों में अवैध दुकानों को हटाने की मांग की है. पिछली सुनवाई के दौरान भी कोर्ट ने पीडीए को अपने भवन का नक्शा पेश करने का निर्देश दिया था. लेकिन कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रयागराज विकास प्राधिकरण अपने ही भवन का नक्शा पेश नहीं कर सका.

बता दें कि आजतक ने अपने एक स्टिंग ऑपरेशन में यह भी दिखाया था कि किस तरह पीडीए में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है और पैसे लेकर मकान बनाने के नक्शे पास कराए जाते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज में घर का नक्शा पास कराने के लिए आम जनता दर-ब-दर भटक रही है, लेकिन जो लोग रिश्वत देते हैं, उनका काम तुरंत हो जाता है.

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