Politics

नूपुर शर्मा गिरफ़्तारी से बचने के लिए पहुंची सुप्रीम कोर्ट, दी ये दलील…

20220718 220640 min
आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-

बीजेपी की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने अपने ख़िलाफ़ दर्ज़ एफ़आईआर में गिरफ़्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. नूपुर शर्मा ने अपनी याचिका में कहा है कि कुछ अराजक तत्वों ने एक बार फिर उन्हें जान से मारने और बलात्कार की धमकी दी है. नूपुर शर्मा ने अपनी याचिका में ये भी कहा है कि उनके ख़िलाफ़ पहली एफ़आईआर दिल्ली में दर्ज़ की गयी है, ऐसे में सभी एफ़आईआर को दिल्ली वाली एफ़आईआर से जोड़ देना चाहिए.

पिछले महीने एक टीवी डिबेट के दौरान नूपुर शर्मा ने पैग़ंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी की थी, जिसके विरोध में देश के कई राज्यों में उनके ख़िलाफ़ लगभग एक दर्जन एफ़आईआर दर्ज कराई गई थीं.

ये भी पढ़ें -: नवीन जिंदल का दावा- जिहादियों ने हमला किया, दिल्ली पुलिस ने दावे को बताया ग़लत

इस बयान के विरोध में दर्जन भर से अधिक मुस्लिम देश आ गए थे और भारत सरकार के समक्ष आधिकारिक तौर पर विरोध दर्ज कराया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सुनवाई के दौरान नूपुर शर्मा की टिप्पणियों को “तकलीफ़देह” बताया और कहा- “उनको ऐसा बयान देने की क्या ज़रूरत थी?”

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ये भी सवाल किया था कि एक टीवी चैनल का एजेंडा चलाने के अलावा ऐसे मामले पर डिबेट करने का क्या मक़सद था, जो पहले ही न्यायालय के अधीन है.

ये भी पढ़ें -: BJP का 57 साल पुराना ‘किला’ ढहा, क्या अपनों ने बिगाड़ दिया सिंधिया का गणित?

सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा की बयानबाज़ी पर सवाल किया और कहा था कि, “अगर आप एक पार्टी की प्रवक्ता हैं, तो आपके पास इस तरह के बयान देने का लाइसेंस नहीं है.”

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जे बी पार्दीवाला की बेंच कल मंगलवार को नूपुर शर्मा की याचिका पर सुनवाई करेगी.

ये भी पढ़ें -: 500 का छुट्टा कराना था, मजबूरी में खरीदा लॉटरी टिकट, मिल गया इतने करोड़ का इनाम…

ये भी पढ़ें -: कूड़े के ढेर में मिली मोदी-योगी की तस्वीर तो सफाई कर्मी को कर दिया बर्खास्त

ये भी पढ़ें -: स्मृति ईरानी औऱ अमित मालवीय पर केेस दर्ज, लगे है ये आरोप… पढ़ें विस्तार से


आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-