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जेल से रिहाई के बाद मोहम्मद जुबैर का पहला ट्वीट, तंज कसते हुवे लिख दी ये बात…

20220729 100946 min
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सुप्रीम कोर्ट की ओर से जमानत मिलने के बाद ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने अपना पहला ट्वीट पोस्ट किया है। जुबैर को कथित रूप से धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में यूपी में कई मामले दर्ज किए गए थे। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। करीब 24 दिनों तक जेल में रहने के बाद जुबैर 20 जुलाई को रिहा हुए। जुबैर ने ट्वीट में अपने शुभचिंतकों को उनका समर्थन करने के लिए धन्यवाद भी दिया है।

जुबैर ने अपने ट्वीट की शुरुआत उर्दू के दिग्गज कवि राहत इंदौरी की एक कविता के साथ करते हुए लिखा है, जो आज साहिब ए मसनद हैं कल नहीं होंगे। जिसके मोटे तौर पर मतलब है कि जो आज सत्ता में हैं, वे कल नहीं होंगे। इसके बाद उन्होंने लिखा, आप सभी का धन्यवाद, मैं पिछले एक महीने में भारत और दुनियाभर के शुभचिंतकों से मिले समर्थन के आभारी हूं। आपके समर्थन ने मुझे और मेरे परिवार को बहुत ताकत दी है।

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जुबैर को दिल्ली पुलिस ने 27 जून को हिंदू देवता के खिलाफ 2018 में एक ट्वीट के जरिए धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जुबैर को उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले ट्वीट पोस्ट करने के आरोप में आधा दर्जन प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस और न्यायिक हिरासत में रखा गया था। यूपी पुलिस ने आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया था।

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उत्तर प्रदेश में जुबैर के खिलाफ कुल सात प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं, जिनमें दो हाथरस में और एक-एक सीतापुर, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और चंदौली पुलिस थाने में दर्ज की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए टिप्पणी की थी कि गिरफ्तारी को दंडात्मक हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए लेकिन ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ आपराधिक न्याय तंत्र का लगातार इस्तेमाल किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने जुबैर को जमानत पर रहने के दौरान ट्वीट करने से रोकने की उत्तर प्रदेश सरकार की दलील को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि बोलने पर रोक लगाने का आदेश अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को हतोत्साहित करते हैं।

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