Politics

गुजरात में 19 सीटों पर BJP के नेता ही बन गए है बागी, सख्त कार्रवाई से भी नहीं बन रही बात

20221123 124128 min
आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-

गुजरात विधानसभा चुनावों में इस बार रिकॉर्ड तोड़ जीत के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है, लकिन पार्टी के उसके नेता ही सिरदर्द साबित हो रहे हैं। पार्टी को उम्मीद थी कि टिकट नहीं मिलने से नाराज नेता देर-सबेर पार्टी में लौट आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पार्टी ने पहले चरण में सात नेताओं को सस्पेंड करके कड़ा संदेश देने की कोशिश की थी। इसके बाद प्रदेश प्रमुख सी आर पाटिल ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी जारी की थी, लेकिन इसके बाद भी पार्टी नेता बागवत पर आमादा है। इसके बाद पार्टी ने 12 और नेताओं को संस्पेंड किया है। ऐसे में कुल बागी नेताओं की संख्या 19 हो गई है, हालांकि इन नेताओं ने पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर खुद ही इस्तीफा दे दिया था।

अब बड़ा सवाल यह है कि पार्टी को क्या इन नेताओं की नाराजगी भारी पड़ेगी। कई सीटें ऐसी हैं जहां पर पार्टी के बागी गणित गड़बड़ा सकता हैं। पार्टी ने पिछले चुनाव में 99 सीटें जीती थीं। इस बार पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री माधव सिंह सोलंकी का रिकॉर्ड तोड़ना चाहती है। पार्टी ने इससे पहले छह नेताओं को पार्टी से सस्पेंड किया था। दूसरी सूची में सबसे पहला नाम वडोदरा जिले की पादरा विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे दिनेश पटेल उर्फ दीनु मामा का है। इसके बाद पार्टी ने वडोदरा जिले की वाघोडिया जिले की सीट से चुनाव लड़ रहे मधु श्रीवास्तव पर भी कार्रवाई की है।

मधु मौजूदा विधायक हैं। पार्टी ने इसके अलावा वडोदरा में सावली सीट से कांग्रेस की टिकट पर लड़ रहे कुलदीप सिंह राउल पर कार्रवाई की है। पार्टी ने पंचमहाल जिले में शहेरा सीट से चुनाव लड़ जीतुभाई पगी, महिसागर जिले में ऐस एम खांट, जेपी पटेल को पार्टी ने सस्पेंड किया है तो वहीं पार्टी ने आणंद जिले में रमेश भाई झाला, अमरीश भाई झाला, अरवल्ली में बायड से चुनाव लड़ रहे धवल सिंह झाला, महेसाणा की खेरालू से बागी बने रामसिंह ठाकोर और धानेरा से मैदान में उतरे मावजीभाई देसाई को पार्टी से सस्पेंड किया है।

ये भी पढ़ें -: सावरकर का मामला ख़त्म होने का नाम नही ले रहा है, अब महात्मा गांधी के प्रपौत्र ने कर दिया बड़ा दावा…

पार्टी ने बनासकांठा के डीसा से पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ लड़ने पर लेखजी ठाकोर पर कार्रवाई की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सी आर पाटिल ने पहले कार्रवाई की चेतावनी दी थी, इसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी के मैंडेट के खिलाफ लड़ रहे नेताओं पर कार्रवाई की जाएगी। 21 नंवबर को जैसे ही दूसरे चरण के लिए नाम वापसी का समय खत्म हुआ। पार्टी ने इन नेताओं को संस्पेंड करने का ऐलान कर दिया।

प्रदेश की कुल 182 सीटों में से 19 सीटों पर बीजेपी उम्मीदवार के खिलाफ पार्टी के नेता ही लड़ रहे हैं। इन नेताओं को टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी ने अंतिम वक्त पर टिकट काटा तो फिर इन नेताओं ने निर्दलीय और दूसरी पार्टी से ताल ठोंक दी। पार्टी ने अब इन नेताओं पर सख्त कार्रवाई करते हुए इन्हें पार्टी से निष्कासित किया है।

गुजरात में विधानसभा कुल सीटों की संख्या 182 है। इसमें 40 सीटें आरक्षित हैं। 27 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए और 13 सीटें अनुसूचित जाति के रिजर्व हैं। विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 92 सीटों का है। 2017 के चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी मुश्किल से सरकार बचा पाने में सफल रही थी। दो दशक में पहली बार पार्टी की सीटों की संख्या दो अंकों में सिमट गई थी और बीजेपी सिर्फ 99 सीटें जीत सकती थी। कांग्रेस को 2017 के चुनाव 77 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस से गठबंधन करके लड़ी भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) को 2 सीटें मिली और 1 सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) विजयी हुई थी। तीन सीटों पर निर्दलीय जीते थे। इनमें वडगाम से दलित नेता जिग्नेश मेवाणी की कांग्रेस के समर्थन से जीत हुई थी।

ये भी पढ़ें -: अर्णब गोस्वामी के खिलाफ दायर याचिका महाराष्ट्र सरकार ने ली वापस, जानें पूरा मामला…

ये भी पढ़ें -: थार को मोडिफाई करवाना कश्मीरी युवक को पड़ा भारी, मिली छह महीने की जेल, आपने भी तो नही किया ये काम? जानें…


आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-