Politics

एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात, क्या महाराष्ट्र में सरकार बनाने की तैयारी में BJP?

20220625 221132 min
आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-

maharashtra political crisis: शिवसेना के बागी नेताओं के लीडर और विधायक एकनाथ शिंदे और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के बीच शुक्रवार रात मुलाकात हुई है। सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी मिली है कि अमित शाह भी उस वक्त वडोदरा में थे। हालांकि अभी यह कह पाना मुश्किल है कि अमित शाह भी इस मुलाकात में शामिल थे या नहीं?

इस जानकारी के सामने आते ही यह चर्चाएं तेज हो गई हैं कि शिवसेना से बगावत करने के बाद शिंदे क्या जल्द ही भाजपा को अपने समर्थन का ऐलान कर सकते हैं? दोनों के बीच क्या खिचड़ी पक रही है? सूत्र बता रहे हैं कि इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद महाराष्ट्र में भाजपा ने शिंदे गुट के साथ सरकार बनाने की तैयारी तेज कर दी है।

ये भी पढ़ें -: शिंदे समर्थक विधायक के दफ्तर में तोड़फोड़, राउत बोले- लोगों में आक्रोश है और इसे रोक नहीं सकते हैं

सूत्रों से जानकारी मिली है कि असम के गुवाहाटी में शिवसेना के 38 बागी विधायकों के साथ डेरा जमाए एकनाथ शिंदे ने गुजरात जाकर वडोदरा में भाजपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की है। ऐसी जानकारी सामने आई है कि मुलाकात के लिए रात साढ़े 10 बजे देवेंद्र फडणवीस मुंबई से निकले थे।

सूत्रों के जानकारी मिली है कि दोनों नेता चार्टर प्लेन से वडोदरा पहुंचे थे। एकनाथ शिंदे गुवाहाटी से वडोदरा के लिए निकले। जबकि फडणवीस मुंबई से रात साढ़े दस बजे निकले।

ये भी पढ़ें -: रेलवे में अब ठेके पर रखे जाएंगे इंजीनियर, कई अन्य पदों पर भी होगी ठेके पर नियुक्ति

दोनों नेताओं के बीच देर रात दो बजे मुलाकात हुई थी। ये भी जानकारी सामने आ रही है कि दोनों नेताओं के बीच करीब दो घंटे बातचीत हुई। क्या बात हुई, हालांकि इसका खुलासा नहीं हो पाया है।

उधर, शिवसेना भी शिंदे गुट पर ऐक्शन लेने की तैयारी कर चुकी है। शिंदे समेत 16 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए डिप्टी स्पीकर ने शिवसेना का अनुरोध स्वीकार किया और शिंदे गुट को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए सोमवार तक का समय दिया है।

ये भी पढ़ें -: 40 विधायक, 70 रूम, 3 चार्टेड प्लेन, शिवसेना के बागी विधायकों की सुविधा पर खर्च हुई इतनी बड़ी रकम

ये भी पढ़ें -: शिंदे पर उद्धव ठाकरे पर बड़ा वार- हिम्मत है तो खुद के बाप के नाम पर वोट मांगे, बालासाहेब के नाम पर नहीं


आर्टिकल को शेयर ज़रूर करें :-