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अशोक स्तंभ विवाद पर चित्रा त्रिपाठी बोलीं- शेर तो दहाड़ते हुए ही अच्छा लगता है, लोगों ने कह दी ये बात

20220713 140940 min
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 जुलाई को नई दिल्ली स्थित बनने वाले नए संसद भवन की छत के ऊपर नए अशोक स्तंभ का अनावरण किया। उनके अनावरण के बाद से ही विपक्ष अशोक स्तंभ की बनावट पर सवाल उठाने लगा। इस बीच सोशल मीडिया पर भी लोग तरह-तरह के रिएक्शन देने लगे। आज तक न्यूज़ चैनल की एंकर चित्रा त्रिपाठी ने भी इस पर कमेंट किया तो लोगों ने उनकी खिंचाई कर दी।

दरअसल, एंकर चित्रा त्रिपाठी (Chitra Tripathi) ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से लिखा कि, ‘शेर तो दहाड़ते हुए ही अच्छा लगता है।’ उनके इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स कई तरह की प्रतिक्रिया देते हुए उन पर तंज कसने लगे। कुछ लोगों ने उनकी बातों का समर्थन किया लेकिन ज्यादातर लोगों ने उन पर कटाक्ष करते हुए जवाब दिया। कुछ सोशल मीडिया हैंडल से लिखा गया कि राष्ट्रीय प्रतीक चिन्हों के साथ खिलवाड़ सही नहीं।

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लोगों के रिएक्शन : अशोक कुमार पांडे नाम के ट्विटर हैंडल से लिखा गया कि हां, जब तक आप उसके सामने ना हो। विकास नाम के एक यूजर ने कमेंट किया – राष्ट्रीय चिन्ह से छेड़छाड़ करना आपराधिक कृत्य है। आपको अच्छा लग रहा है तो आप अपराधी हैं। अली रिजवान नाम के यूजर लिखते हैं कि आज चीन के सामने भी दहाड़ पाता। केशव दत्त नाम के एक यूजर कमेंट करते हैं – चलो, किसी ने तो बदलाव स्वीकार किया। अफरोज अंसारी नाम के एक यूजर लिखते हैं, ‘ शेर दहाड़ते हुए अच्छे लगते हैं लेकिन सर्कस में नहीं बल्कि जंगल में।

विपक्ष ने उठाया सवाल : अशोक स्तंभ पर लगे शेर को लेकर विपक्ष ने विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि इतिहास से छेड़छाड़ की गई है और अशोक स्तंभ के शेर को बदला गया है। विपक्ष का कहना है कि हमारे राष्ट्रीय चिन्ह में जो शेर हैं, वो शांत है और उनका मुंह बंद है जबकि नए संसद भवन में लगे अशोक के स्तंभ आक्रामक और उसका मुंह खुला है।

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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिया जवाब : केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे हैं सवाल पर कहा कि यदि सारनाथ स्थित राष्ट्रीय प्रतीक के आकार को बढ़ाया जाए या नए संसद भवन पर बने प्रति के आकार को छोटा किया जाए तो दोनों में कोई अंतर नहीं होगा।

उन्होंने ट्विट के जरिए कहा कि यदि कोई व्यक्ति नीचे से सारनाथ प्रति को देखता है तो वह उतना ही शांत या क्रोधित दिखाई देगा जितना बताया जा रहा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि मूल प्रति की वास्तविक प्रतिकृति नई इमारत पर लगाई जाती है तो वह दूर से दिखाई नहीं देगी।

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