अमेरिकी संसद हमला: जांच समिति ने ट्रंप के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले चलाने की सिफ़ारिश की

अमेरिकी संसद हमला: जांच समिति ने ट्रंप के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले चलाने की सिफ़ारिश की
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अमेरिकी संसद परिसर में पिछले साल हुए दंगों की जांच समिति ने सोमवार (19 दिसंबर) को न्याय विभाग से पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ आपराधिक आरोप तय करने की सिफारिश की. सदन की समिति ने 6 जनवरी 2021 को संसद पर ट्रंप समर्थकों द्वारा हिंसक हमले के लिए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति को जिम्मेदार ठहराया है. करीब दो साल पहले भीड़ को संसद में बुलाने के लिए ट्रंप की निंदा करते हुए जांच समिति के अध्यक्ष बेनी थॉम्पसन ने लोकतांत्रिक प्रणाली में विश्वास को कम करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की.

थॉम्पसन ने कहा, ‘अगर विश्वास तोड़ा जाता है, तो हमारा लोकतंत्र भी टूटता है. डोनाल्ड ट्रंप ने उस विश्वास को तोड़ दिया. द्विदलीय जांच समिति ने सर्वसम्मति से सिफारिश की कि उन पर विद्रोह, आधिकारिक कार्यवाही में बाधा डालने, संयुक्त राज्य अमेरिका को धोखा देने की साजिश और झूठा बयान देने की साजिश का आरोप लगाया जाए.

थॉम्पसन ने कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली जवाबदेही तय कर सकती है. साथ ही कहा, ‘हमें पूरा विश्वास है कि इस समिति का काम न्याय की रूपरेखा प्रदान करने में मदद करेगा. सोमवार को ही ट्रंप ने जवाबी प्रतिक्रिया में सांसदों पर उनके खिलाफ ‘झूठे आरोपों’ की सिफारिश करने का आरोप लगाया और कहा कि यह उन्हें भविष्य में राष्ट्रपति की दौड़ से बाहर करने का प्रयास है.

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ट्रंप ने अपने ट्रुथ नामक सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट में कहा, ‘मुझ पर मुकदमा चलाने की यह पूरी कवायद महाभियोग की तरह है. मुझे और रिपब्लिकन पार्टी को किनारे करने का एक पक्षपातपूर्ण प्रयास है. गौरतलब है कि पिछले महीने ट्रंप ने 2024 में ह्वाइट हाउस की दौड़ में बने रहने के अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे. जांच समिति के सदस्य जेमी रस्किन ने कहा, ‘समिति ने महत्वपूर्ण सबूत जुटाए हैं कि ट्रंप का इरादा हमारे संविधान के तहत सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण को बाधित करने का था.

अमेरिकी इतिहास में यह पहली बार है कि कांग्रेस ने पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ आरोपों की सिफारिश की है. समिति के उपाध्यक्ष रिपब्लिकन पार्टी के लिज चेनी ने कहा, ‘हमारे इतिहास में हर राष्ट्रपति ने, सिवाय एक को छोड़कर, सत्ता के इस व्यवस्थित हस्तांतरण का बचाव किया है.

समिति ने पाया कि ट्रंप 2020 के चुनाव को उलटने की साजिश में शामिल थे, जिसके चलते जान-बूझकर मतदाता धोखाधड़ी के झूठे आरोपों का प्रसार किया और कांग्रेस, न्याय विभाग एवं अपने उपराष्ट्रपति पर दबाव डाला कि वे नतीजों को पलटने के उनके प्रयासों में शामिल हों, ताकि वे सत्ता में बने रह सकें और फिर वे 6 जनवरी 2021 को अपने समर्थकों को संसद छोड़ने के लिए कहने से घंटों तक इनकार करते रहे.

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